तोशाम। गांव ढाणी रिवासा में असामाजिक तत्वों ने गांव में स्थित अनुसूचित जाति वर्ग की चौपाल पर जातिसूचक शब्द लिख दिए। ग्रामीण श्याम सुंदर ने मामले की शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
श्याम सुंदर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गत 18 फरवरी को एक समाज की लड़की की शादी थी। अनुसूचित वर्ग समाज की धर्मशाला में बरात को ठहराया गया था। धर्मशाला के मुख्यद्वार पर चौपाल लिखा हुआ है। आरोप यह है कि उक्त समाज के लोगों को आपत्ति थी और धर्मशाला में जाति की चौपाल शब्द पर पेंट रगड़ दिया।
श्यामसुंदर ने बताया कि ऐसा करने से समाज के मान सम्मान को ठेस पहुंची है। इसके लिए आपत्ति की तो फोन पर गाली-गलौच की गई। शिकायतकर्ता की मानें तो इसकी रिकार्डिंग है। उन्होंने बताया कि 18 फरवरी को यह घटना हुई जिसके बाद पंचायत में गांव के कुछ मौजूद व्यक्तियों द्वारा मामला सुलझा दिया था। इसके बाद 5-6 मार्च की रात को उसी धर्मशाला की दीवारों पर अपशब्द लिख कर कालिख पौत दी गई।
श्यामसुंदर ने बताया कि उक्त समाज की ओर से जान से मारने की धमकी दी जा रही है तथा उनके घरों में घुसकर मारने की धमकियां दी जा रही हैं। पुलिस ने शिकायत पर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। इस बारे में डीएसपी दलीप सिंह ने बताया कि एससी चौपाल पर गलत शब्द लिखे गए हैं। मामला दर्ज किया गया है। कुछ लोगों पर संदेह किया है। जांच की जा रही है। जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया है उसको जल्द ही काबू कर लिया जाएगा।
मामले की हो उच्च स्तरीय जांच : सुनीता गोलपुरिया
सामाजिक कार्यकर्ता एवं संत गुरु रविदास महासभा हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता सुनीता गोलपुरिया ने कहा ढाणी रिवासा घटना के जिम्मेवार असामाजिक तत्वों को तुरंत प्रभाव से गिरफ्तार किए जाने की मांग की वहीं इस मामले में दोषियों को किसी भी हालत में बक्शा नहीं जायेगा। दोषियों को को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जाएगी।