भिवानी में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते अनिरुद्ध चौधरी।
भिवानी। पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी बंसीलाल के पोते अनिरुद्ध चौधरी ने तोशाम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने के संकेत देकर सियासत को गरमा दिया है। बीसीसीआई के कोषाध्यक्ष रहे अनिरुद्ध ने अपनी चाची किरण चौधरी को तोशाम से चुनौती दी है। उन्होंने अपनी बहन श्रुति के बजाय खुद को बंसीलाल का राजनीतिक वारिस बताया है।
चौ. बंसीलाल की राजनीतिक विरासत पर छिड़ी जंग पर अनिरुद्ध ने कहा कि धर्म और परंपराओं के अनुसार उनके दादा के वारिस उनके पिता और उनके वारिस वह हैं, जबकि उनके चाचा सुरेंद्र की वारिस उनकी बहन श्रुति चौधरी हैं। उन्होंने कहा कि उनके दादा बंसीलाल ने अपनी पगड़ी उनके पिता रणबीर महेंद्रा और चाचा सुरेंद्र की पगड़ी श्रुति के सिर पर रखी थी। वहीं, बंसीलाल की पगड़ी श्रुति के सिर रखने के किरण के दावे पर अनिरुद्ध ने कहा कि चाची किरण ने तो भाजपा में आते ही कांग्रेस पर झूठ बोलने का आरोप लगाया था।
किरण के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने पर अनिरुद्ध ने यहां से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के संकेत दिए हैं। इसके लिए शुक्रवार को अनिरुद्ध ने तोशाम हलके के कार्यकर्ताओं की बैठक भिवानी में अपने आवास पर ली। बैठक के बाद अनिरुद्ध ने चाची किरण के सामने चुनाव लड़ने का दावा किया। किरण के कांग्रेस छोड़ने से पहले अनिरुद्ध दादरी जिले के बाढड़ा हलके से तैयारी कर रहे थे। क्योंकि उनके पिता रणबीर यहां से कांग्रेस के टिकट पर तीन बार चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अनिरुद्ध ने कहा कि तोशाम में चौ. बंसीलाल के समर्थक मायूस थे। आज उनसे मुलाकात के लिए बैठक बुलाई गई है।
उन्होंने पहले तो तोशाम या बाढड़ा में से एक जगह से चुनाव लड़ने के सवाल पर टालमटोल की और ये फैसला पार्टी पर छोड़ा। फिर तोशाम में किरण से टक्कर और इस टक्कर में हार के डर के सवाल पर क्रिकेट की भाषा में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अच्छा खिलाड़ी अच्छे मैच का इंतजार करता है। अनिरुद्ध ने कहा कि जब भारत की टीम का मैच स्कॉटलैंड से हो तो कोई ध्यान नहीं देता, लेकिन जब वही मैच पाक से हो तो मजा आ जाता है। उन्होंने कहा कि उन्हें हार का कोई डर नहीं। फिर कहा कि मैं ऐसी सीट से लड़ना चाहूंगा, जिस सीट पर पूरा हरियाणा देखे।