ठंड से भैंस को बचाने के लिए कंबल ओढाते पशुपालक।
भिवानी। पशुओं को शीतलहर से बचाने के लिए पशुपालन विभाग ने पशुपालकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पंचकूला मुख्यालय के उपनिदेशक डाॅ. सुखदेव राठी ने इस संबंध में पशुपालन विभाग को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि वे इस बारे में पशुपालकों को जागरूक करें।
उन्होंने बताया कि ठंड की वजह से पशुओं के शरीर का तापमान नीचे चला जाता है। इससे उनको सांस लेने में परेशानी और खांसी भी शुरू हो जाती है। ठंड से उनमें निमोनिया जैसी समस्या भी उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने बताया कि यह समस्या छोटे पशुओं में ज्यादा घातक हो जाती है।
पशुओं को ठंड से बचाने के लिए उन्हें खुले में नहीं रखना चाहिए। उनको बांधने का स्थान गर्म रखना चाहिए। जिला उपनिदेशक डाॅ. रविंद्र सहरावत ने बताया कि धूप निकलने पर ही पशुओं को बाहर निकाले, पशु के ऊपर कंबल इत्यादि डालकर रखे। पशुओं को बांधने का स्थान साफ रखे व ठंडा पानी न पिलाएं। गुड़ व खनिज मिश्रण नियमित तौर पर देते रहें।
उन्होंने कहा कि यदि पशु में ठंड के लक्षण दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। सभी पशु चिकित्सक पशुओं को ठंड से बचाने के लिए लोगों को जागरूक भी कर रहे है। इस मौके पर उपमंडल अधिकारी डाॅ. प्रदीप कालीरावण ने कहा कि दूध देने वाले पशुओं को शरीर में तापमान बनाने के लिए ज्यादा ऊर्जा की जरूरत पड़ती है। इसीलिए उनकी खुराक अन्य पशुओं से ज्यादा रखें। जब भी पशुपालन विभाग मुंहखुर व गलघोंटू का टीकाकरण करें, उसे अवश्य करवाएं।
बलियाली के पशु चिकित्सक डाॅ. विजय सनसनवाल ने बताया कि पशु अस्पतालों में ठंड व निमोनिया के केस आ रहे है, जो उपचार के बाद ठीक हो जाते हैं। निमोनिया ठंड के केस में सफेदे के पेड़ के पत्ते की भांप बहुत कारगर सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि पशुओं को गर्म पानी में थोड़ा-थोड़ा नमक डालकर पिलाते रहे।