तोशाम। ग्रेप-3 की लागू पाबंदी हट जाने के बाद खरकड़ी सोहान की पहाड़ी में खनन कार्य फिर से शुरू हो गया है। इधर, खानक स्थित पहाड़ में खनन कार्य की शुरुआत के लिए अभी भी उच्च अधिकारियों की अनुमति नहीं मिली है। ऐसे में खानक में खनन कार्य शुरू न होने से भवन सामग्री तो महंगे भाव पर मिलेगी। वहीं क्रशर मालिकों को हर रोज लाखों रुपये का घाटा हो रहा है।
बता दें कि करीब 3 माह पहले खानक पहाड़ में खनन कार्य बंध हो गया था। पहले तो खानक पहाड़ से पत्थर निकालने की क्षमता पूरी हो गई थी, फिर प्रदूषण बढ़ने के कारण ग्रेप-3 के नियम लागू हो गए। इसके कारण खनन संबंधी कार्यों पर रोक लग गई। अब जब ग्रेप की पाबंदियां हट गई हैं तो प्रदूषण विभाग ने भी कार्य के शुरू करने निर्देश दे दिए हैं लेकिन पहाड़ में खनन कार्य की शुरुआत नहीं हो पाई है।
खरकड़ी सोहान की पहाड़ी में खनन कार्य की शुरुआत
महादेव एन्क्लेव प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने खरकड़ी सोहान की पहाड़ी में 5.32 हेक्टेयर में खनन कार्य की शुरुआत कर दी है। पत्थर का भाव कंपनी ने 250 रुपये प्रति टन निर्धारित किया गया है। खरकड़ी सोहान की पहाड़ी में 2 कांटे लगाए गए हैं, वहीं खनन कार्य में 6 से 7 मशीन जुटी हैं। मंगलवार को खान से 50 से 60 गाड़ियां पत्थर की निकालीं गईं।
क्यों नहीं हो रहा खानक में खनन कार्य की शुरुआत
एचएसआईआईडीसी के अधिकारी अनिल सिंगला की माने तो पहाड़ में खनन कार्य करने के लिए उच्च अधिकारियों के आदेश नहीं आए हैं। उनके आदेशों का इंतजार है। आदेश आते ही खनन कार्य की शुरूआत हो जाएगी। वहीं इस बारे में क्रशर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मलिक ने प्रदेश सरकार से मांग करते हुए कहा कि खानक पहाड़ में जल्द से जल्द खनन कार्य की शुरुआत की जाए ताकि लोगों को रोजगार मिल सके व भवन सामग्री भी उचित भाव पर मिल सके।