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Bhiwani News: खानक पहाड़ में महंगे दामों पर पत्थर बेचने से क्रशर मालिकों में रोष

Mon, 14 Apr 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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तोशाम। खानक पहाड़ में एचएसआईआईडीसी द्वारा महंगे दामों पर पत्थर बेचे जाने को लेकर क्रशर मालिकों में रोष है। क्रशर मालिकों ने सरकार व एचएसआईआईडीसी से पत्थर के रेट घटाने की मांग की है। रेट ज्यादा होने के कारण क्रशरों का 60 प्रतिशत से भी कम माल बिक पा रहा है। इस कारण क्रॅशर मालिकों के साथ-साथ सरकार को भी नुकसान हो रहा है। इस मांग को क्रशर मालिक मंत्री राव नरवीर व एचएसआईआईडीसी के उच्चाधिकारियों के सामने रख चुके हैं लेकिन समाधान नहीं हो पाया है।
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क्रशर मालिक उमेश मंगल, राजीव, अमर सिंह सरपंच, रमेश बागनवाला, मदन, नीरज व संजीव नंबरदार ने बताया कि एचएसआईआईडीसी के अफसरों की तानाशाही के कारण क्रशर मालिक व सरकार को नुकसान हो रहा है। खानक स्थित क्रशर मालिकों ने अपनी समस्या कुछ दिन पहले एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों के सामने रखी थी लेकिन उनके कानों पर आज तक जू तक नहीं रेंगी है।
क्रशर मालिकों ने बताया कि दादरी व नारनौल में खानक के पत्थर से काफी कम दामों में पत्थर मिल रहा है। कम दामों में पत्थर मिलने के कारण वे क्रशर मालिक कम दामों में भवन सामग्री बेच रहे हैं। खानक के पत्थर का भाव ज्यादा होने के कारण तैयार माल ज्यादा भाव में बेचना पड़ रहा है। क्रशर मालिकों का कहना है कि भाव ज्यादा होने के कारण खानक के क्रशर पर पहले से 60 प्रतिशत भी माल नहीं बिक रहा है। क्रशर मालिकों का कहना है कि पहले खानक का माल दिल्ली तक जाता था। आज भाव तेज होने के कारण भिवानी भी नहीं जा रहा है।
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उनका कहना है कि भाव ज्यादा होने के कारण उन्हें क्रशर चलाना मुश्किल हो गया है। पत्थर का भाव तेज होने के कारण आमजन को भी भवन सामग्री महंगी मिल रही है। इस कारण उन्हें भी नुकसान हो रहा है। पत्थर का भाव ज्यादा होने के कारण पहाड़ से जुड़े लोगों के रोजगार पर संकट सामने आ सकता है। भवन सामग्री भी दिन-प्रतिदिन महंगी होती जा रही है। क्रशर मालिकों ने सरकार व एचएसआईआईडीसी के अधिकारियों से पत्थर का भाव कम करने की मांग की है।
इस बारे में क्रशर एसोसिएशन के प्रधान भीष्म महता ने बताया कि खानक पहाड़ के पत्थर का भाव बहुत ज्यादा है। साथ लगते दूसरी पहाड़ियों से निकलने वाले पत्थर का भाव काफी कम है। खानक पत्थर का भाव तेज होने के कारण माल बहुत कम बिक पा रहा है। प्रधान ने बताया कि दूसरे राज्यों से पत्थर हरियाणा में आता है तो रॉयल्टी नहीं लगती जबकि दूसरे प्रदेश रॉयल्टी लेते हैं। हरियाणा प्रदेश सरकार को भी रॉयल्टी लागू करनी चाहिए। पत्थर के भाव कम करवाने के लिए क्रशर मालिक जल्द ही मुख्यमंत्री व एचएसआईआईडीसी के एमडी से मुलाकात करेंगे।
इस बारे में एचएसआईआईडीसी के प्रोजेक्ट मैनेजर संजय मित्तल ने बताया कि मामला संज्ञान में है। उच्चाधिकारियों के पास क्रशर मालिकों की मांग को भेज रखा है।
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