बहल। गांव गरवा में करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन फिशरीज एक्वा एक्सीलेंस सेंटर के निर्माण में कथित अनियमितताओं का मामला उपायुक्त के समक्ष पहुंच गया है। ग्रामीण रजनीश, भान सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। ग्रामीणों ने उपायुक्त भिवानी को शिकायत देकर निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगाया है।
ग्रामीणों ने शिकायत में बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार की इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण कार्य में कथित तौर पर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनके अनुसार निर्माण में इस्तेमाल की जा रही ईंटों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। निर्माण कार्य में प्रयोग की जा रही अन्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में पानी के लिए भूमिगत जल का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों के अनुरूप उपयुक्त पानी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
ग्रामीणों के अनुसार उन्होंने मौके पर निर्माण एजेंसी के ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों के समक्ष भी निर्माण सामग्री की गुणवत्ता समेत अन्य कथित अनियमितताओं पर आपत्ति जताई थी। आरोप है कि उनकी शिकायतों के बावजूद मामले में कोई संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद ग्रामीणों ने उपायुक्त के समक्ष शिकायत देकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता की उच्चस्तरीय जांच करवाने की मांग की है।