भिवानी। सदर पुलिस थाने में एक व्यक्ति को अवैध रूप से सुबह से शाम तक हिरासत में रखने और फिर मेडिकल परीक्षण कराकर रात भर लॉकअप में बंद करने का आरोप लगा है। मामले में हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया और भिवानी एसपी से रिपोर्ट तलब की है। आरोप पुलिस थाना के एएसआई पर लगाए गए हैं।
अशोक कुमार ने आयोग को शिकायत में बताया कि उनके भाई जगजीत ने सदर पुलिस थाने में उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर थाना प्रभारी ने एएसआई वीरेंद्र सिंह को मामले की जांच सौंपी। 13 जून को एएसआई ने उसे थाने बुलाया और फोन पर धमकाया। शिकायतकर्ता के अनुसार उसे बिना किसी औपचारिक गिरफ्तारी के सुबह से शाम तक थाने में बैठाया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उसे 7/51 के तहत लॉकअप में रात भर बंद रखा गया। अगले दिन उसे उपमंडल मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
शिकायतकर्ता ने एएसआई के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की है और थाने में मानसिक रूप से प्रताड़ित किए जाने को लेकर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए हैं। इसी के चलते मानव अधिकार आयोग ने भिवानी एसपी से 17 दिसंबर तक रिपोर्ट तलब की है।
वहीं इस बारे में सदर पुलिस थाने के प्रभारी विकास ने बताया कि पुलिस पर लगाए गए आरोप निराधार हैं। आरोपी पर 7/51 का केस था। उसके खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह न्याय पर आधारित है। थाने के एएसआई वीरेंद्र ने मामले की जांच की थी और इसमें उनकी भूमिका स्पष्ट रही है।