भिवानी। कृषि भूमि की गिरदावरी कराकर किसी दूसरे के नाम भूमि करने के मामले में तहसीलदार और उसके रीडर पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। मामले की शिकायत उपायुक्त को दी गई। जिस पर उपायुक्त ने जांच का आश्वासन दिया है।
जिला उपायुक्त को दी शिकायत में गांव सिरसा घोघड़ा निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह परमार ने कहा कि भिवानी तहसील के तहत आने वाले गांव सिरसा घोघड़ा में तीन कनाल 9 मरला भूमि है। जिस पर वो पिछले 40 साल से काबिज है। राजस्व विभाग के रिकाॅर्ड में उनका नाम दर्ज है।
उसने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने तहसीलदार और रीडर से सांठगांठ करके भूमि की गिरदावरी गलत तरीके से अपने नाम करवा ली। उसका आरोप है कि इस बात की उसे कोई भनक नहीं होने दी गई, जबकि तहसील कार्यालय से भी उसके पास कोई सूचना नहीं आई। शिकायतकर्ता ने उपायुक्त को शिकायत सौंपकर तहसीलदार और रीडर के खिलाफ भ्रष्टाचार कर गलत तरीके से भूमि दूसरे के नाम किए जाने पर कार्रवाई की मांग की है। वहीं उपायुक्त से मिलने वालों में अधिवक्ता अजीत सिंह परमार, अधिवक्ता जितेंद्र, अधिवक्ता कपिल शामिल हैं। वहीं दूसरी तरफ भिवानी तहसीलदार आदित्य रंगा ने अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया है। उन्होंने बताया कि वे कार्यालय से पूरे मामले की जानकारी भी लेंगे।