भिवानी। महेंद्रगढ़ जिले के कनीना में हादसे के बाद स्कूल बसों को लेकर भले ही प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया हो, लेकिन स्कूल भवनों के मानक को लेकर लापरवाही बरकरार है। जिले के बापोड़ा गांव में स्थित एनएसजी हाई स्कूल के कंडम भवन में करीब दो सौ विद्यार्थियों को बैठाया जा रहा है। यहां 60 साल पहले बनाई गई चूना-मिट्टी की छत के नीचे नर्सरी से दसवीं तक के विद्यार्थी अध्ययन कर रहे हैं। हादसे की आशंका जताते हुए पिछले एक साल से शिक्षा विभाग के अधिकारी निजी स्कूल संचालक को इस कंडम भवन को तुड़वाकर नया भवन बनाने के लिए नोटिस जारी कर रहे हैं, मगर अब भी कंडम भवन के अंदर ही बच्चों की खतरे की घंटी लग रही है।
गांव बापोड़ा के इस निजी विद्यालय में पहले छठी से 10वीं कक्षा तक की पढ़ाई होती थी लेकिन अब यहां नर्सरी से दसवीं तक के बच्चों की कक्षाएं लग रही हैं। इसमें करीब दो सौ विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। शिक्षा विभाग ने मई 2022 से लेकर अब तक करीब तीन से चार बार नोटिस और रिमाइंडर भेजे हैं, जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि स्कूल भवन की बिल्डिंग जर्जर हाल में है। इसे तुड़वाकर इसकी जगह नए स्कूल भवन का निर्माण कराया जाए ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि नोटिस के बाद भी इस बारे में लापरवाही बरती जा रही है। कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बच्चों की सुरक्षा के मसले पर प्रदेशभर में खलबली मचने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इसे और गंभीरता से लिया है। निजी स्कूल की मान्यता से संबंधी रिकाॅर्ड भी खंगाला गया तो उसका भी कोई रिकाॅर्ड विभाग के समक्ष नहीं मिला। इसके बाद अब इस स्कूल की मान्यता पर ही संशय के बादल मंडराने लगे हैं। विभागीय अधिकारियों ने इस स्कूल को अब गैर मान्यता वाले स्कूलों की सूची में भी डाल दिया है।
शिक्षा विभाग बच्चों की सुरक्षा के मानकों को पूरा कराने के प्रति गंभीर नहीं है। जिस स्कूल को शिक्षा विभाग ने गैर मान्यता की सूची में डाल दिया है, उसके कंडम भवन में करीब दो सौ बच्चों की कक्षाएं लगाकर उनके जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है। अगर इस विद्यालय में कोई हादसा होता है तो इसके लिए निजी विद्यालय प्रबंधन के साथ-साथ शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी भी सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे।
- बृजपाल सिंह परमार, संस्थापक सदस्य, स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन।
हमारा विद्यालय नर्सरी से दसवीं तक अस्थायी मान्यता पर चल रहा है। हमने भिवानी खंड शिक्षा अधिकारी को शपथ पत्र दिया है कि हमारा विद्यालय भवन बच्चों के लिए बिलकुल सुरक्षित और सही हालत में है। इस बारे में विद्यालय भवन की दोबारा से जांच कराए जाने का भी अनुरोध खंड शिक्षा अधिकारी से किया गया है।
- सत्यनारायण, संचालक, एनएसजी हाई स्कूल बापोड़ा।
बापोड़ा के एनएसजी हाई स्कूल को कंडम भवन तुड़वाने के लिए नोटिस जारी किया गया है, लेकिन स्कूल की तरफ से शपथ पत्र मिला है। जिसके बाद इस मामले में अब राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के कनिष्ठ अभियंता से इस विद्यालय भवन की दोबारा से जांच कराई जाएगी। फिलहाल ये स्कूल गैर मान्यता वाले निजी स्कूलों की सूची में भी शामिल कर दिया गया है।
-शिवकुमार तंवर, खंड शिक्षा अधिकारी भिवानी।