सांग महोत्सव में सांग अजीत सिंह-राजबाला का मंचन करते कलाकार।
भिवानी। म्हारी संस्कृति-म्हारा स्वाभिमान संगठन के स्थापना दिवस पर उमरावत स्थित दादा लख्मीचंद सांस्कृतिक भवन में सांग महोत्सव के 7वें दिन सांग अजीत सिंह-राजबाला का मंचन किया गया।
शुक्रवार को दादा लख्मीचंद द्वारा रचित अजीत सिंह-राजबाला सांग का मंचन बाबू दान सिंह चौहान द्वारा किया गया। ऐतिहासिक एवं मर्यादा पालन से भरपूर सांग की भावनात्मक अभिव्यक्ति ने बुजुर्गों एवं युवाओं को आनंदित कर दिया।
कार्यक्रम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान कौशिक ने बताया कि कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सेवानिवृत्ति सीडीपीओ सुशीला जांगड़ा ने शिरकत की। कौशिक ने सेवानिवृत्त सीडीपीओ एवं लेखिका सुशीला जांगड़ा को संगठन की महिला विंग की अध्यक्ष एवं कप्तान सिंह बिसानिया को दिल्ली प्रमुख मनोनीत किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन हरियाणवी विरासत को संरक्षित व प्रसारित करने की दिशा में सराहनीय कदम है।
भारत की लोकनाट्य कला का जीवंत रूप में मंचन सांग परंपरा मनोरंजक, सांस्कृतिक, गौरवशाली परंपरा रही। ऐसे आयोजनों से संस्कार, संस्कृति एवं समृद्धशाली परंपरा का ज्ञान होता है। इस अवसर महासचिव मास्टर रविंद्र बास, आश्रम निर्माण कमेटी अध्यक्ष सरपंच दिनेश कौशिक मौजूद रहे।