प्रदूषण का कहर बरकरार है। वीरवार सुबह पांच बजे प्रदूषण का अधिकतम स्तर 430 एक्यूआई दर्ज किया गया। हालांकि दिन के समय यह 407 एक्यूआई तक रहा। प्रशासन भले ही प्रदूषण नियंत्रण के लिए कचरा नहीं जलाने, पराली जलाने वाले किसानों पर जुर्माना करने की बात कह रहा हो, बावजूद इसके शहर में कचरा खूब जलाया जा रहा है। इतना ही नहीं सफाई के नाम पर वीरवार को शहर के कुछ मार्गों पर धूल ही धूल दिखाई दी। हालांकि प्रदूषण नियंत्रण के उपायुक्त के निर्देश पर शहर के सभी मुख्य मार्गों पर दमकल गाड़ियों से पानी का छिड़काव किया गया।
लगातार तीसरे दिन प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक बना रहा। प्रदूषण का स्तर वीरवार को 430 एक्यूआई तक पहुंचा। बुधवार को यह 477 एक्यूआई दर्ज किया गया था। हालांकि प्रदूषण के स्तर में थोड़ी कमी आई है। प्रदूषण के पार्टिकल पीएम 2.5 की मात्रा वीरवार सुबह भी 500 दर्ज की गई वहीं पीएम 10 की मात्रा 477 रही। दिन के समय इसमें कुछ कमी देखी गई। मगर आसमान में छाई स्मॉग लोगों के लिए परेशानी बनी रही। स्मॉग के कारण दिनभर धूप नहीं निकली और लोग परेशान रहे। स्मॉग के कारण लोगों को गले में खरास, सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन की समस्या से भी जूझना पड़ा। लगातार तीसरे दिन लोग इन समस्या से परेशान दिखे। प्रदूषण का स्तर बढ़ने के बावजूद जिला प्रशासन की ओर से भले ही स्कूलों में छुट्टी न की गई मगर स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बेहद कम रही। अधिकतर बच्चे अपने घरों में ही रहे। बढ़े प्रदूषण का लोगों की दिनचर्या पर भी असर दिखा और बाजारों में अन्य दिनों की तुलना चहल-पहल कम रही।
सात दमकल गाड़ियों ने किया पानी का छिड़काव
प्रदूषण नियंत्रण के लिए दमकल विभाग की सात गाड़ियों ने शहर के मुख्य मार्गों पर पानी का छिड़काव किया ताकि धूल न उड़े। दो गाड़ियों ने लघु सचिवालय में पानी का छिड़काव किया तो एक-एक गाड़ी ने स्टेडियम मार्ग, रोहतक गेट से घंटाघर चौक मार्ग, हांसी गेट से पुलिस अधीक्षक आवास तक, स्टेडियम से सेक्टर 13 तक, चिड़ियाघर मोड़ से सेक्टर 13 तक के मार्ग पर पानी का छिड़काव किया गया।
जल रहा कचरा, धूल बनी रही परेशान : वीरवार को उपायुक्त आवास से कुछ दूरी पर ही घास के कचरे में आग लगाई हुई थी। जिस कारण आसपास सब जगह धुआं ही धुआं नजर आ रहा था। इतना ही नहीं बीटीएम चौक से रेस्ट हाउस मार्ग पर कर्मचारियों ने सफाई अभियान छेड़ रखा था और पूरे मार्ग पर धूल ही धूल उड़ रही थी। यहां राहगीरों को आवागमन में भी परेशानी हो रही थी।
सांस लेना हो रहा खतरनाक : प्रदूषण लोगों के स्वास्थ्य पर भारी पड़ रहा है। विशेषज्ञों की माने तो इतने प्रदूषण में सांस लेना स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक है। प्रदूषण के कारण लोगों को अब सांस लेने में तकली, गले में समस्या, आंखों में जलन के साथ-साथ छाती में दर्द की समस्या भी शुरू हो गई है।
पिछले पांच दिन का प्रदूषण का स्तर
तिथि प्रदूषण (एक्यूआई में)
14 नवंबर 430
13 नवंबर 477
12 नवंबर 424
11 नवंबर 271
10 नवंबर 185
पराली जलाने पर अब तक 10 किसानों पर जुर्माना किया जा चुका है और एक किसान के खिलाफ केस भी दर्ज करवाया गया है। पराली जलाने से जमीन को भी नुकसान है और पर्यावरण को भी। किसानों को पराली नहीं जलानी चाहिए बल्कि इसके अन्य विकल्पों का सहारा लेना चाहिए।
प्रताप सभ्रवाल, उप निदेशक, कृषि विभाग
प्रदूषण का स्तर बढ़ा मगर जल्द ही इसमें गिरावट शुरू होगी। हवा नहीं चलने और धूप कम रहने के कारण भी प्रदूषण बढ़ रहा है। लोगों को कचरा नहीं जलाना चाहिए।
हरिश कुमार, एसडीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड