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धान की बिजाई की तो बंद होगा हुक्का-पानी

Tue, 05 Jul 2016 11:40 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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गांव चरखी में मंगलवार को धान की बिजाई पर पंचायत हुई। इसमें कुछ लोगों द्वारा गांव में धान की बिजाई करने पर कड़ी आपत्ति जताई गई। पंचायत में निर्णय लिया गया गांव में किसी को भी धान की बिजाई से नहीं रोका जाएगा बल्कि जो बिजाई करेगा उससे गांव का कोई व्यक्ति किसी प्रकार का कोई भाईचारा नहीं रखेगा। वहीं दूसरी ओर पंचायत के फैसले से खफा कुछ किसानों ने डीएसपी को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की गुहार भी लगाई है।
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गांव चरखी दादरी और आसपास का तराई एरिया है। गांव के तीन ओर से नहरें गुजरती हैं। ऐसे में गांव में बरसात के दिनों में सेम और जलस्तर की समस्या बढ़ जाती है जिससे जमीन पर दुष्प्रभाव  तो पड़ता ही है गांव में बाढ़ जैसे हालात बन जाते हैं। जलस्तर काफी ऊपर तक आ जाने से गांव में भी बरसाती पानी घुस जाता है। गांव ने पिछले चार साल से धान की बिजाई पर पूर्णतया प्रतिबंध रखा। कुछ ग्रामीणों द्वारा धान की बिजाई किए जाने पर मंगलवार को गांव में पंचायत बुलाई गई। वक्ताओं ने कहा कि धान की बिजाई के लिए ऐसे लोग नहरी पानी की भी चोरी कर रहे हैं। पंचायत में सांगवान खाप प्रधान कर्नल रिसाल सिंह, सोमवीर सांगवान,  पूर्व सरपंच ताराचंद, पूर्व सरपंच कुलदीप सिंह, पूर्व सरपंच भूपेंद्र सिंह, राजकुमार, सत्यप्रकाश आदि मौजूद थे।

पंचायत के फरमान के बाद प्रशासन से लगाई सुरक्षा की गुहार
धान बिजाई पर पंचायत के सामाजिक बहिष्कार के फैसले से आहत परिवार के सदस्य डीएसपी को ज्ञापन सौंपा। सरपंच व अन्य लोगों पर मारपीट, धान की बुआई न करने देने, बहिष्कृत करने व जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। ज्ञापन सौंपने पहुंचे प्रदीप, जयवीर, बलजीत, विरेंद्र, रणबीर, अजय आदि ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व गांव चरखी के साथ-साथ क्षेत्र के अन्य गांवों ने भी धान की बुआई पर रोक लगाई थी। एक वर्ष बाद ही अन्य गांवों ने यह पाबंदी हटा दी लेकिन गांव चरखी ने नहीं हटाई। उन्होंने कहा कि दूसरे गांवों के लोगों द्वारा उनके साथ लगती जमीनों में धान बोई जा रही है।
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