फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bhiwani News: कृषि वैज्ञानिकों ने दी उन्नत किसानों को नवीनतम तकनीकी की जानकारी

Wed, 04 Jun 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
विज्ञापन
विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत गांव नलोई में कृषक जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद उन्नत किसा - फोटो : विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत गांव नलोई में कृषक जागरूकता कार्यक्रम में मौजूद उन्नत किसान व कृ​षि वैज्ञानिक एवं अन्य।
विज्ञापन
भिवानी। विकसित कृषि संकल्प अभियान के अंतर्गत सिवानी खंड के तीन गांव बारवा, नलोई और सिवानी में कृषक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को नवीनतम कृषि तकनीकों, सरकार की योजनाओं और लाभदायक खेती के तौर-तरीकों से अवगत कराना था।
विज्ञापन

कार्यक्रम में आईएआरआई, दिल्ली से पांच वैज्ञानिकों की एक टीम मौजूद रही, साथ ही राज्य विभाग के कृषि एवं बागवानी कर्मचारी भी उपस्थित रहे। डॉ. करिश्मा नंदा (वानिकी) कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी ने किसानों को केवीके द्वारा संचालित विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण जैसे मशरूम उत्पादन, नर्सरी उगाना, प्राकृतिक खेती के बारे में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को एग्रोफॉरेस्ट्री को अपनाने की सलाह दी और समझाया कि कैसे इससे पर्यावरणीय लाभ के साथ-साथ आर्थिक लाभ भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
डॉ. खजानची लाल (पूसा दिल्ली) ने मिट्टी की सेहत के महत्व पर बल दिया और किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनवाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने नमूना लेने की विधि, खारे पानी के प्रबंधन और खेतों में आम समस्याओं पर चर्चा की। डॉ. केपी मोहपात्रा (पूसा दिल्ली) ने एकीकृत कृषि प्रणाली की जानकारी दी और किसानों को पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम के बारे में जागरूक किया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम किसानों के अधिकारों की रक्षा करता है और किस्मों के संरक्षण को बढ़ावा देता है।
विज्ञापन

डॉ. वाघमारे (पूसा दिल्ली) ने सरसों की फसल में बढ़ती ओरोबैंकी समस्या पर चर्चा की और इससे निपटने के लिए फसल चक्र अपनाने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने नर्सरी में मिट्टी की स्टीरिलाइज़ेशन की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। डॉ. प्रवीण केवी (पूसा दिल्ली) ने किसानों को फार्म इनकम बढ़ाने के उपाय बताए। उन्होंने किसानों को एक ही भूखंड से एक वर्ष में एक से अधिक फसलें लेने हेतु प्रेरित किया और बताया कि कैसे बहु फसली खेती लाभकारी सिद्ध हो सकती है।
इस अवसर पर कृषि एवं बागवानी विभाग के अधिकारियों ने भी भाग लिया और किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में डॉ. कौस्तव आदित्य, डॉ. सुमन, डॉ. सुरेन्द्र, डॉ. राजपाल मलिक, चंद जोसन, राजीव दलाल, सुभाष चंदर, शमशेर सिंह, पवन कुमार और बलबीर सिंह उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें