सरकारी बीज केंद्र पर ढेंचा बीज की धड़ल्ले से हो रही कालाबाजारी मामले में अब जांच की आंच अधिकारियों के गिरेबान तक भी पहुंच गई है। मामले में बीज केंद्र के प्रभारी व महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी विभाग की तरफ से कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसमें तीन दिन के भीतर दोनों से जवाब तलब किया गया है।
ढेंचा बीज की कालाबाजारी का मामला उजागर होने के बाद विभागीय अधिकारियों में भी हड़कंप मचा है। वहीं इस कालाबाजारी के धंधे में शामिल कर्मचारी और अधिकारी अपनी खाल बचाने में जुट गए हैं। कृषि उपनिदेशक ने भी मामले में कड़ा संज्ञान लेते हुए अब सरकारी बीज केंद्र पर दो एडीओ की ड्यूटी बीज बिक्री की निगरानी के लिए लगाने के आदेश दिए हैं। अमर उजाला ने मामले में 14 मई को ढेंचा बीज की धड़ल्ले से कालाबाजारी, किसानों के बीच हो रही मारामारी शीर्षक के साथ खबर प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
नई अनाज मंडी स्थित हरियाणा बीज विकास निगम कार्यालय के बाहर दलाल सक्रिय हैं, जो सरकारी केंद्र पर मिलने वाले 120 रुपये के ढेंचा बीज को खुलेआम कालाबाजारी कर 700 रुपये से एक हजार रुपये के दाम वसूल कर बिक्री कर रहे हैं। वहीं बीज केंद्र पर भी असल किसानों को सिर्फ दो थैली और दलालों के फर्जी किसानों को पांच थैली ढेंचा बीज कर्मचारियों व अधिकारियों की मिलीभगत से बांटा जा रहा है। इस कालाबाजारी के खेल में महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की दलालों से ढेंचा बीज उपलब्ध कराने के बाद रुपयों का लेन-देन करने की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी। हरियाणा बीज विकास निगम कार्यालय में ढेंचा बीज की इस बार अलोकेशन (आवंटन) करीब एक हजार क्विंटल की हुई थी। जिसमें से अब तक करीब 800 क्विंटल ढेंचा का बीज बिक्री किया जा चुका है। कालाबाजारी के इस खेल में सबसे बड़ा सवाल यह भी है कि सिर्फ आधार कार्ड के सहारे ही आसानी से बीज दलालों के हाथों तक पहुंच रहा है। ये दलाल शहरी दायरे व फर्जी किसानों के
आधार कार्ड के जरिए सरकारी केंद्र से कर्मचारियों की मिलीभगत से बीज हासिल कर रहे हैं। अब ढेंचा बीज की कालाबाजारी में वायरल हुई वीडियो में दिखाई देने वाली महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भूमिका पर भी बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इसी के साथ बीज बिक्री केंद्र प्रभारी को भी मामले से जोड़कर देखा जा रहा है। इन दोनों को ही विभाग की तरफ से जांच बैठाते हुए कारण बताओ नोटिस दिया है, जिसका तीन दिन के भीतर इन दोनों से विभागीय अधिकारियों ने जवाब तलब भी किया है। उनके जवाब के बाद ही इन पर विभागीय कार्रवाई तय होगी।
सरकारी केंद्र का बीज, प्राइवेट दुकानों पर भी धड़ल्ले से हो रहा बिक्री
नियम के अनुसार ढेंचा का बीज सिर्फ सरकारी बिक्री केंद्रों पर ही मिलता है। मगर दलालों की मेहरबानी और कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी केंद्र से निकलकर ये बीज प्राइवेट दुकानों पर भी धड़ल्ले से बिक रहा है। प्राइवेट दुकानों पर 120 रुपये की 12 किलोग्राम थैली के सात सौ से एक हजार रुपये वसूले जा रहे हैं। प्राइवेट बीज बिक्री केंद्र की निगरानी कृषि विभाग के दायरे में आती है। अगर इसकी जांच कराई जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा।
खुफिया तंत्र भी हुआ सक्रिय, बीज केंद्र पर जमाई खुफिया नजर
सरकारी बीज केंद्र पर ढेंचा बीज की धड़ल्ले से हो रही कालाबाजारी का मामला उजागर होने के बाद खुफिया तंत्र भी सक्रिय हो गया है। गुप्तचर विभाग के कई कर्मचारी सोमवार को हरियाणा बीज विकास निगम कार्यालय के बाहर अपनी पैनी नजर जमाए खड़े रहे। हालांकि उनकी निगरानी से पहले ही विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों में हड़कंप मच चुका था, जिस वजह से वह पहले ही सचेत हो गए थे और दलालों ने भी अपना ठिकाना बदल लिया और सोमवार को वे भी भूमिगत हो गए।
एक्सपर्ट व्यू-
ढेंचा एक तरह से जैविक खाद है। जिसका उत्पादन केवल सरकार सिर्फ भूमि सुधार कार्यक्रम के तहत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कर रही है। इस बीज को कम उपजाऊ भूमि में भूमि की उपजाऊ क्षमता बढ़ाने में भी इस्तेमाल हो रहा है। ज्यादातर धान रोपाई करने वाले किसान खेत तैयार करने के लिए भी बीज का प्रयोग करते हैं।
- डॉ. मुरारीलाल, कृषि एवं बागवानी विशेषज्ञ कृषि विज्ञान केंद्र भिवानी।
पहले एडीओ से परमिट मिलने के बाद ही ढेंचा का बीज किसान को दिया जाता था, मगर अब सरकार की तरफ से नई शर्तें आई थी, जिसके बाद आधार कार्ड पर भी किसानों को ये बीज दिया जा रहा है। बीज केंद्र पर ढेंचा की कालाबाजारी की बात सामने आई हैं। अब केंद्र पर ढेंचा बीज बिक्री में मंगलवार से दो एडीओ की स्पेशल ड्यूटी लगाई जाएगी, जो बिक्री के दौरान इस तरह की निगरानी रखेंगे। हम अब तक बिक्री किए जा चुके बीज का भी रिकार्ड जांचेंगे।
- डॉ. आत्माराम गोदारा, कृषि उपनिदेशक कृषि विभाग भिवानी।
वायरल वीडियो के बाद इस प्रकरण में भिवानी बीज बिक्री केंद्र प्रभारी दलबीर सिंह व महिला चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सोनिया को कारण बताओ नोटिस दिया हैं, इन दोनों को तीन दिन के अंदर अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। उनके जवाब के बाद ही जांच कर इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जाएगी। बीज वितरण में गड़बड़ी की पहले ही आशंका जताई गई थी, जिस संबंध में कृषि उपनिदेशक को भी अवगत कराया था।
- जगदीश चंद्र, विपणन अधिकारी हरियाणा बीज विकास निगम भिवानी।