वैश्य महाविद्यालय के समीप सर्कुलर रोड पर पड़े पत्थर।
भिवानी। शहर में सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल नहीं होने का नतीजा जनता को भुगतना पड़ता है। इसी की एक बानगी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और पीडब्ल्यूडी की सामने आई है। शहर में पानी की लिकेज ठीक कराने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग तीन जगह सड़कें तोड़ने के बाद उसे दुरुस्त कराना भूल गया। पीडब्ल्यूडी विभाग अधिकारियों का कहना है कि जब तक क्षतिग्रस्त सड़कों की बीटी बिल राशि जमा नहीं कराई जाएगी, तब तक इन्हें दुरुस्त कर पाना मुश्किल है। वहीं जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अपनी पेयजल समस्या दूर करने के बाद टूटी सड़क को ठीक कराने की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
शहर के हांसी गेट चौक पर मुख्य जलघर से विजय नगर कॉलोनी की 12 इंच की पेयजल लाइन मेंं लीकेज हो गई थी। जिस पर करीब दस दिनों तक काम चला और लीकेज भी ठीक कर दी गई। इस कार्य के दौरान जेसीबी ने हांसी चौक से अशोका मार्ग की काफी हिस्से में सड़क तोड़ डाली। जिसकी वजह से यहां रोजाना ही वाहनों का जाम लग रहा है वहीं वाहनों के हादसों का अंदेशा भी बना है।
इसी तरह रेलवे रोड पर वैश्य कॉलेज के पास नेहरू पार्क बूस्टर से सड़क क्रॉस कर कृष्णा कॉलोनी की तरफ जाने वाली मुख्य लाइन में लीकेज हो गई। जिसे ठीक कराने के लिए भी जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने सीसी सड़क को तोड़ना पड़ा। यहां पर भी पानी की लीकेज का समाधान कराए करीब सप्ताह भर से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन तोड़ी गई सड़क के उबड़खाबड़ हिस्से को अभी तक दुरुस्त नहीं कराया है।
यहां रात के समय स्ट्रीट लाइट भी बंद रहती है। ऐसे में दुपहिया वाहन चालकों के साथ हादसों का अंदेशा बना रहता है। इस कार्य की वजह से यहां पर ट्रैफिक भी वन-वे है। जिसकी वजह से भी वाहनों के जाम की समस्या बनी है।
इसी तरह दिनोद गेट से रेलवे रोड पर भी लीकेज के लिए तोड़ी गई सड़क बदहाल पड़ी है। इसकी सुध भी अभी तक नहीं ली गई है। विभागीय नियमों के अनुसार जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी को सड़क तोड़ने से पहले पीडब्ल्यूडी से इसकी अनुमति और इसकी क्षतिग्रस्त राशि जमा कराने का बीटी बिल भुगतान की प्रक्रिया अपनानी जरूरी है। लेकिन संबंधित विभागों के बीच आपसी तालमेल इतना कमजोर है कि सड़क तोड़ने की अनुमति ही नहीं ली गई। अब इसका बीटी बिल भुगतान होने के इंतजार में पीडब्ल्यूडी विभाग सड़क को दुरुस्त नहीं करा पा रहा है। जिसका खामियाजा शहरवासी झेल रहे हैं।