भिवानी। लोहारू की फरटिया गांव की दलित छात्रा की आत्महत्या के मामले में रसूखदार लोगों पर समझौता करने के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया गया है। नेशनल अलायंस फॉर दलित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कल्सन ने गांव फरटिया में पीड़ित पिता के घर पर जाकर उनसे मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित पिता ने कल्सन को बताया कि 10 जनवरी की रात 8.30 बजे कुछ लोग उनके घर में घुस आए। आरोप है कि इन लोगों ने दबाव बनाकर पीड़ित पिता से एक कोरे कागज पर कॉलेज स्टाफ का छात्रा की आत्महत्या में कोई दोष नहीं है लिखवा लिया। वहीं, पीड़ित पिता ने सीएम से इस मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है।
अधिवक्ता रजत कल्सन को पीड़ित पिता ने बताया कि वह इस मामले में पुलिस जांच से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस ने आज तक इस मामले की एफआईआर तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट की कॉपी तक नहीं दी है। पीड़ित पिता ने वकील को बताया कि इस मामले में कुछ रसूखदार लोग उन पर मुकदमे में समझौता करने का दबाव बना रहे हैं। समझौता न करने की एवज में गांव से निकालने की धमकियां दे रहे हैं। कल्सन का आरोप है कि इस मामले में पुलिस की भूमिका सवालों के घेरे में है। कल्सन ने डीएसपी के कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
कल्सन ने बताया कि पीड़ित पिता ने घटनाक्रम के बारे में अपने परिवार की तरफ से एक शिकायत लिखकर उन्हें दी है, जिसमें इस मामले की जांच सीबीआई से करने की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि यह शिकायत मुख्यमंत्री के नाम ईमेल कर दी है। इस बारे में लोहारू के विधायक राजवीर फरटिया से मोबाइल फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।