भिवानी। सामूहिक दुष्कर्म पीड़ित नाबालिग लड़की की अवैध रूप से काउंसिलिंग कराने और उसके बयान बदलवाने के प्रयास करने का आरोपी मनोज एलपीए अब ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर सकेगा। इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जिला बाल संरक्षण अधिकारी को पत्र जारी किया गया है।
पत्र में यह कहा गया है कि जब तक यह मामला अदालत में विचाराधीन है, तब तक मनोज को ड्यूटी ज्वाइन न कराई जाए। साथ में जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास ने यह जानकारी दी है कि यह निर्देश निदेशालय की ओर से दूरभाष पर दिए गए हैं। बता दें कि मनोज को अदालत से जमानत तो मिल गई है, मगर अब वो इन नए निर्देशों के बाद अपनी ड्यूटी ज्वाइन नहीं कर सकेंगे।
अवैध काउंसिलिंग की, वीडियो भी बनाई
सामूहिक दुष्कर्म और छेड़छाड़ मामले में पीड़ित नाबालिग की मनोज एलपीओ और तीन अन्य ने अवैध रूप से राजकीय कॉलेज में काउंसिलिंग की थी। इतना ही नहीं उन्होंने उस पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया और मनोज ने काउंसिलिंग की वीडियो भी बनाई। बाल संरक्षण आयोग के निर्देश पर मनोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था। अब उसको इस मामले में जमानत मिल गई है।