पुलिस की गिरफ्त में धोखाधड़ी का आरोपी युवक।
भिवानी। फर्जी वेबसाइट के सहारे लोगों को नौकरी का झांसा देकर रुपये ठगने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान राजस्थान में दौसा निवासी अनुज उर्फ विक्की के रूप में हुई है। आरोपी को पुलिस ने न्यायालय में पेश करके दो दिनों के रिमांड पर लिया गया। आरोपी के पास से पुलिस ने 26 हजार रुपये और एक फोन बरामद किया है। आरोपी से पूछताछ जारी है। सोनीपत के गोहाना में आरोपी पर पहले भी धोखाधड़ी से संबंधित केस दर्ज है।
बृजवासी कॉलोनी निवासी सुरेंद्र ने पुलिस को शिकायत दी थी। शिकायत में बताया कि उसके पास एक मैसेज आया। इसमें एनसीआर में सुपरवाइजर व एसओ की नौकरी लगवाने के बारे में बताया गया। जब उसने उक्त व्यक्ति से संपर्क किया तो उक्त व्यक्ति ने उससे विभिन्न चार्ज के रूप में 39 हजार 267 रुपये ले लिए। जबकि उसके बदले उसे न तो नौकरी मिली और न ही रुपये वापस मिले। इस संबंध में उसने शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया था। इसी मामले में कार्रवाई करते हुए साइबर थाना पुलिस के एएसआई विजय कुमार ने राजस्थान के दोसा से आरोपी को गिरफ्तार किया।
ऑनलाइन सर्च कर बनाई वेबसाइट
पुलिस पूछताछ में आरोपी अनुज ने बताया कि, साल 2020 में जयपुर में किराए पर ऑफिस लेकर मैनपॉवर व प्लेसमेंट का काम शुरू किया था। कोरोना काल के समय उसका काम ठप हो गया। इसके बाद उसने ऑनलाइन सर्च करके वेबसाइट बनानी सीखी और एक फर्जी वेबसाइट बनाई। एसबीआई बैंक में वेबसाइट के नाम से खाता खुलवाया। आरोपी ने क्विकर नामक एप से नौकरी की तलाश करने वाले व्यक्तियों का डाटा रुपये में खरीदा। और उक्त व्यक्तियों से संपर्क करके नौकरी लगवाने का झांसा देकर रुपये ठगे। धोखाधड़ी के संबंध में केस दर्ज करने के बाद साइबर थाना पुलिस ने वेबसाइट के बारे में पता लगाया। वेबसाइट के सहारे ही पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया।
ऑनलाइन प्लेसमेंट या वर्क फ्रॉम होम के नाम पर अनजान व्यक्ति से अपने निजी जानकारी साझा न करें। निजी जानकारी साझा होने पर आपके साथ धोखाधड़ी हो सकती है। गलती से किसी के साथ धोखाधड़ी हो जाए तो तुरंत 1930 पर डायल करके पुलिस को सूचना दे। बिना किसी देरी के सूचना देने पर धोखाधड़ी से करवाई गई ट्रांजेक्शन को रोका जा सकता है।
- एसआई विकास, प्रबंधक, साइबर पुलिस थाना भिवानी।