। पिछले एक साल से छत के ऊपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के तारों से परिवार को सुरक्षित बचाने के लिए निगम व सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा युवक उन्हीं तारों की चपेट में आ गया। जिससे युवक की मौत हो गई। मृतक के पिता ने बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर बिजली निगम के खिलाफ केस दर्ज किया है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
शहर की सेवा नगर कॉलोनी में रहने वाले 54 वर्षीय महाबीर प्रसाद ने बताया कि वह बीएसएफ में नौकरी करते है। उसके चार बच्चे हैं जिनमें तीन लड़के व एक लड़की। सभी शादीशुदा है। महाबीर प्रसाद ने बताया कि 11 अगस्त की रात साढ़े नौ बजे उसका बड़ा बेटा सुभाष खाना खाकर छत पर कोई सामान रखने के लिए गया था। इसी दौरान मकान के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन से धमाका हुआ। जब वे ऊपर पहुंचे तो बेटा बिजली तार की चपेट में आने से झुलसा था। उसे इमरजेंसी लेकर पहुंचे जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। महाबीर प्रसाद का आरोप है कि जब उनका पुराना मकान था उसे समय बिजली की लाइन खिंच दी गई थी। लेकिन अब पुराना मकान तोड़कर नया मकान बनाया जा रहा है। इसके लिए वह बीएसएफ से करीबन एक माह की छुट्टी लेकर आए थे उसने बताया कि उसके बेटे सुभाष ने 2018 में घर के ऊपर से गुजर रहे बिजली तारों को हटवाने के लिए बिजली निगम व सीएम विंडो में भी शिकायत की हुई थी। लेकिन अधिकारी केवल झूूठे आश्वासन दे रहे थे। निगम अधिकारियों की ये लापरवाही उसके बेटे की जिंदगी पर भारी पड़ गई और सामान रखने के दौरान ही उसके बेटे को 11 केवी की लाइन ने खिंच लिया। जिससे उसकी मौत हुई।
एएसआई राजेश कुमार ने बताया कि मृतक के पिता महाबीर प्रसाद के बयान दर्ज कर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद बिजली निगम के खिलाफ लापरवाही का केस दर्ज किया है। फिलहाल पुलिस मामले की तहकीकात में जुटी है।
रिहायशी इलाकों में सिर पर मंडरा रही है मौत
शहर की कई बाहरी कॉलोनियों व अंदरूनी हिस्से में आबादी के सिर पर मौत मंडरा रही है। कई इलाके ऐसे हैं, जहां पर घरों की छतों को छूते हुए बिजली की हाईटेंशन तार गुजर रहे हैं, इन लाइनों से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। बारिश के दिनों में तो घरों के अंदर ही करंट दौड़ने लगता हैं वहीं इन तारों की वजह से लोग अपने ही घरों की छतों पर जाने से भी डरते हैं। शहर की डीसी कॉलोनी, जागृति कॉलोनी, तोशाम बाइपास डाबर कॉलोनी, जीतूवाला जोहड़, कोंट रोड, लक्ष्मी नगर, ढाणा रोड की दर्जन भर कॉलोनियां ऐसी हैं, जहां पर घरों के ऊपर से तार गुजर रहे हैं, मगर इस संबंध में निगम अधिकारियों का तर्क कुछ ओर ही है। उनका कहना है कि यहां पहले बिजली की लाइनें थी और बाद में लोगों ने इनके नीचे मकानों का निर्माण किया है। जबकि बिजली लाइन के नीचे किसी भी तरह का निर्माण अवैध निर्माण के दायरे में आता है।
कुछ लाइनों को चिह्नित किया गया है। ऐसी लाइनों को शिफ्ट करने के लिए वर्क ऑर्डर दिए जा चुके है। कोई भी व्यक्ति ऐसे स्थानों पर निर्माण करने से पहले निगम से अनुमति अवश्य ले ले। ताकि वहां लाइनों को पहले शिफ्ट किया जा सके और हादसों से बचा जा सके। एचटी और एलटी बिजली लाइनों से रिहायशी मकानों की दूरी के नियम भी तय है और निर्धारित दूरी पर ही मकान बनाए।
रवींद्र घनघस, कार्यकारी अभियंता
सिटी डिवीजन बिजली निगम भिवानी