भिवानी। जिले में अधिकतर लाभार्थी कोरोना रोधी टीके से परहेज कर रहे हैं। इसके कारण टीकाकरण अभियान पूरा नहीं हो पा रहा है। नागरिक अस्पताल के वार रूम में बनाए टीकाकरण केंद्र के साथ ही अन्य जगहों पर लाभार्थी नहीं पहुंच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग लगातार लोगों को टीके के फायदे गिना रहा है कि टीका रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर है।
जिले में अब तक 925928 लाभार्थियों को पहली और 876632 को दूसरी डोज लगी हैं। जबकि 82693 को बूस्टर डोज लगी हैं। ऐसे में 49296 दूसरी डोज और 793939 बूस्टर डोज के लाभार्थी वंचित हैं। इन दिनों नागरिक अस्पताल के वार रूम में रोजाना तीन से चार ही लाभार्थी पहुंच रहे हैं। ऐसे में वैक्सीन की डोज लगाने स्वास्थ्यकर्मी 10 लाभार्थी एक साथ आने का परामर्श दे रहे हैं। जिले में कोविशील्ड और कोवैक्सीन डोज का पर्याप्त स्टॉक है। हालांकि नेजल वैक्सीन का अभी तक कोई अपडेट नहीं आया है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना था कि जिले में एक जनवरी को नेजल वैक्सीन का स्टॉक आ जाएगा। इसके लिए लाभार्थी को 325 रुपये चुकाने होंगे। लेकिन डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी जिले में नेजल वैक्सीन का स्टॉक नहीं आया है। नेजल वैक्सीन की कीमत 800 रुपये निर्धारित की थी। वहीं, सरकारी सेंटर पर इसके लिए 325 रुपये चुकाने होंगे। लेकिन अब नेजल वैक्सीन का कोई अपडेट नहीं आया आ रहा।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन जरूरी है। वैक्सीनेशन के बाद रोग प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी होती है। वैक्सीन के लाभार्थियों से अपील है कि वे टीकाकरण केंद्र में पहुंचे और डोज लगवा लें। ताकि कोरोना से बचाव रहे।
- डॉ. रघुवीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।