सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करतीं आशा वर्कर। संवाद न्यूज एजेंसी
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आशा वर्कर्स यूनियन राज्य कमेटी के आह्वान पर आशा वर्कर्स ने सीएमओ कार्यालय के सामने दूसरे दिन भी धरना दिया और लंबित मांगो के समाधान के लिए सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। धरने में बहल सीएचसी की आशा वर्कर्स शामिल हुई व की अध्यक्षता हुकम कौर ने की और मंच संचालन सुमन बहल ने किया।
सीटू जिला प्रधान राममेहर सिंह व यूनियन जिला सचिव सुशीला धिराना ने कहा आशा वर्कर्स अपनी जान जोखिम में डालकर कोरोना योद्धा के रूप में कार्य कर रही हैं। आशा वर्कर्स कंटेनमेंट जोन में भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अपनी ड्यूटी बखूबी निभा रही हैं जिसकी वजह से इनको जनता का रोष का सामना भी करना पड़ता है। मगर इसके बावजूद सरकार व प्रशासन आशा वर्कर्स को न ही सुरक्षा के उपकरण दे रही हैं और न ही जोखिम भत्ता दे रही हैं। कोराना काल में भी आशा वर्कर्स का वेतन नहीं दिया जा रहा है। आठ गतिविधियों का पैसा काट दिया गया है। 2018 में किए गए समझौते को अभी भी पूर्ण रूप से लागू नहीं किया जा रहा हैं। लंबे समय से काम कर रही आशा वर्कर्स को न ही स्वास्थ्य कर्मी का दर्जा दिया जा रहा हैं और न ही न्यूनतम वेतन लागू किया जा रहा हैं। कार्यक्रम को सीटू जिला सचिव अनिल कुमार, जिला उपाध्यक्ष रतन जिंदल हुकम कौर, सुमन, दर्शना, रेखा देवी शामिल थी।