गांव देवसर के माता मंदिर में पूजा अर्चना करते श्रद्धालु
भिवानी। नवरात्र के दूसरे दिन जहां एक ओर घरों व मंदिरों में मां ब्रह्मचारिणी की पूजा-अर्चना की गई, वहीं भिवानी जिले के प्रसिद्ध देवसर माता मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पहाड़ी पर स्थित यह 700 साल पुराना मंदिर आस्था का केंद्र बना हुआ है, जहां सैकड़ों अखंड ज्योतें वर्षों से जल रही हैं। मंगलवार को भी भक्तों ने माता के चरणों में शीश नवाया और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए अराधना की। मंदिर परिसर दिनभर जय माता दी के जयकारों से गूंजता रहा।
मंदिर के पुजारी पंडित विक्रम ने बताया कि नवरात्र के दौरान मंदिर में दस दिवसीय मेले का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्र की शुरुआत से ही भक्तों का आना शुरू हो गया है। जैसे-जैसे सप्तमी, अष्टमी और नवमी के दिन नजदीक आएंगे, श्रद्धालुओं की संख्या में भारी इजाफा होगा। उन्होंने बताया कि हर साल करीब डेढ़ लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं। मेले की सभी तैयारियां ग्रामीणों के सहयोग से पूरी कर ली गई हैं।
बुजुर्गों के लिए लिफ्ट, भक्तों के लिए धर्मशाला और भंडारा
देवसर धाम मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 131 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। बुजुर्ग श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर प्रबंधन द्वारा लिफ्ट सिस्टम उपलब्ध कराया गया है। इसके अलावा दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए धर्मशाला में ठहरने की व्यवस्था की गई है और भंडारे के रूप में प्रसाद वितरण भी लगातार जारी है। देवसर माता मंदिर सिर्फ आस्था का ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण का भी उदाहरण है। प्रशासनिक प्रबंधों और ग्रामीण सहयोग से हर वर्ष यह आयोजन सुचारु रूप से संपन्न होता है। इस बार भी लाखों भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है। देवसर धाम हरियाणा में शक्ति उपासना का प्रमुख केंद्र बन चुका है, जहां श्रद्धा की लौ सदियों से निरंतर जल रही है।