बहल। भूतपूर्व सैनिक कष्ट निवारण समिति परिषद ट्रस्ट की ओर से बहल में बनाए जाने वाले शहीद स्मारक के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मंगलवार को सैनिकों की बैठक में जहां स्मारक के प्रारूप पर मुहर लगी। वहीं स्मारक के निर्माण और समयावधि को लेकर जरूरी चर्चा हुई। उपस्थितजनों ने कहा कि बहल का शहीद स्मारक एक भव्य स्मारक होगा। शहीद स्मारक पर करीब 35 लाख रुपये खर्च होंगे।
सेठ पूर्णमल लालावासिया मार्केट में स्थित समिति कार्यालय में मंगलवार को आयोजित समिति की बैठक में क्षेत्र के पूर्व सैनिकों ने भाग लिया और शहीद स्मारक के निर्माण को लेकर अपनी राय रखी। बैठक में शहीद स्मारक में शहीद स्तंभ के लिए बनाए गए प्रारूपों को रखा गया। इसमें से एक प्रारूप को सर्वसम्मति से पास किया गया।
समिति सदस्यों ने कहा कि बहल में बनने वाला शहीदी स्मारक ऐसा होना चाहिए जो अपने आप में विशेष हो। शहीद स्मारक जहां देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले शहीदों की याद दिलाएगा। इससे शहीद परिवार गौरवान्वित होंगे। वहीं युवा पीढ़ियों में देश सेवा की भावना प्रबल होगी और वे देश सेवा के लिए प्रेरित होंगे।
समिति सदस्य सज्जन फौजी बिधनोई ने बताया कि शहीद स्मारक में स्मारक स्तंभ (मोनूमेंट) के लिए निर्माण प्रक्रिया करीब एक सप्ताह में शुरू हो जाएगी। उन्होंने स्मारक के लिए बहल क्षेत्र के गांवों से पूर्व सैनिकों की ओर से दी गई सहयोग राशि की जानकारी दी और कहा कि स्मारक के लिए बहल क्षेत्र के बहुत से लोग आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि बहल क्षेत्र के पूर्व सैनिकों के अलावा आमजन में शहीद स्मारक के लिए उत्साह बना हुआ है। इस अवसर पर मेवासिंह, सतबीर सिंह, दयानंद, ईश्वर सिंह, रामकरण, रामकिशन, मंदरूप, सूबेसिंह, रोहताश फौजी, महेन्द्र सोनी, जयवीर सिंह, मानसिंह मौजूद रहे।
पंचायत ने दी एक एकड़ जमीन
कस्बे की पंचायत की ओर से लोहारू रोड पर शहीद स्मारक बनाने के लिए करीब एक एकड़ जमीन दी गई है। इस स्मारक का शिलान्यास पूर्व मंत्री जेपी दलाल ने किया था। फौजी सज्जन बिधनोई ने बताया कि स्मारक में बनने वाले स्मारक स्तंभ पर शुरूआत में 35 लाख रुपये की लागत आने का अनुमान है। स्मारक छह महीने में बनकर तैयार हो जाएगा। स्मारक का डिजाइन इंजीनियर देवेंद्र गोयल मंढोलीवाला द्वारा तैयार किया गया है और उनकी देखरेख में इसका निर्माण किया जाएगा।