भिवानी। रबी सीजन में गेहूं की बिजाई से पहले ही जिले में यूरिया और एनपीके की बड़ी खेप पहुंच चुकी है लेकिन इसके बावजूद किसानों को राहत नहीं मिल पा रही है। इसका कारण है पैक्स सोसायटी कर्मचारियों की हड़ताल जिसकी वजह से खाद वितरण ठप हो गया है।
समय पर खाद न मिलने से बिजाई कार्य प्रभावित होने की आशंका है। इस समय जिले में सरसों की बिजाई अपने चरम पर है और नवंबर के प्रथम सप्ताह तक पूरी होने की संभावना है। इसके बाद किसान गेहूं की बिजाई शुरू करेंगे। बुधवार को रेलवे जंक्शन पर भिवानी के लिए 58 हजार यूरिया और 32 हजार एनपीके बैग का नया रैक पहुंचा। इन्हें ढुलाई वाहनों से पैक्स केंद्रों तक पहुंचाने का कार्य शुरू कर दिया गया।
इससे पहले भी जिले में यूरिया के दो रैक पहुंच चुके हैं। कृषि विभाग के अधिकारियों का दावा है कि जिले में यूरिया खाद का पर्याप्त भंडारण है और किसी तरह की किल्लत नहीं होने दी जाएगी। वहीं मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। अगर बारिश हुई तो बिजाई कार्य और प्रभावित होगा। इस बीच कई किसान खेतों की सिंचाई में जुटे हुए हैं। डीएपी की कमी पहले ही किसानों की परेशानी बढ़ा चुकी है जिसके चलते कृषि विभाग ने अतिरिक्त यूरिया की डिमांड भेजी थी।
हड़ताल से पैक्स पर छाया सन्नाटा, किसान खाद के लिए लगा रहे चक्कर
जिले में पैक्स कर्मचारियों की हड़ताल के चलते बुधवार को दिनभर किसान खाद के लिए पैक्स सोसायटी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहे लेकिन खाद नहीं मिल पाई। पैक्स केंद्रों पर पर्याप्त भंडारण होने के बावजूद वितरण कार्य ठप हो गया है जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। पहले मौसम की मार झेल चुके किसान अब खाद के अभाव में फसल बिजाई नहीं कर पा रहे हैं। किसानों ने बताया कि अगर हड़ताल लंबी चली तो समय पर बिजाई संभव नहीं होगी। साथ ही बारिश होने की स्थिति में फसलें और प्रभावित होंगी। किसान महेश, दयानंद, रामभज और रामकिशन ने कहा कि बिजाई से पहले भी खाद के लिए मारामारी रही थी अब हड़ताल के कारण हमें खाद नहीं मिल रही है।
साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर होगी रबी सीजन की बिजाई
जिले में रबी सीजन के दौरान करीब साढ़े सात लाख एकड़ भूमि पर फसलों की बिजाई का लक्ष्य रखा गया है। अब तक किसान करीब डेढ़ लाख एकड़ में बिजाई कर चुके हैं जबकि सरसों की बिजाई अभी जारी है। दो लाख एकड़ में गेहूं की बिजाई होगी। वहीं सरसों की बिजाई तीन लाख 15 हजार एकड़ भूमि पर की जाएगी। चने की फसल करीब पांच हजार एकड़ भूमि पर बोई जाएगी जो बारिश पर निर्भर है। जौ की बिजाई लगभग 1200 एकड़ में होगी जबकि पांच हजार एकड़ भूमि पर किसान पशु चारे की फसल बोएंगे। इसके अलावा अन्य दलहन फसलों की बिजाई भी की जाएगी
जिले में खाद का पर्याप्त भंडारण है। गेहूं की बिजाई से पहले ही खाद की नई खेप भी आ चुकी है। अभी और भी खाद का स्टॉक आना है। खाद को पैक्स केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। किसानों को खाद को लेकर किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। फिलहाल किसान सरसों की बिजाई में जुटे हैं जबकि इसके बाद गेहूं की बिजाई शुरू की जाएगी। - डॉ. विनोद फौगाट, कृषि उपनिदेशक, भिवानी