भिवानी। रीढ़ की बीमारी से पीड़ित 10 दिन की बच्ची को उसके घरवालों ने ही नागरिक अस्पताल के जच्चा-बच्चा वार्ड के सामने फेंक दिया। अभी तो पहचाना भी नहीं था कि अपनों के परायापन ने उसे लावारिस बना दिया। इसे अमानवीयता की पराकाष्ठा ही कहें कि सुबह साढ़े नौ बजे ठंड में जब लोग घरों में दुबके थे, एक मासूम को बेघर होना पड़ा। बीमारी से पीड़ित इस बच्ची को तो बेहतर इलाज की दरकार थी, पर उसे भगवान भरोसे अस्पताल में फेंक दिया गया। उस बीमार बच्ची पर न मां की ममता को तरस आई, न पिता का दायित्व ही उसके काम आया।
लेबर रूम के समीप रो रही बच्ची की आवाज सुनकर अस्पताल की नर्स सरला ने उसे संभाला और पुलिस को सूचना दी। बच्ची को फिलहाल नीकू वार्ड में दाखिल किया गया है, उसे इलाज के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा। उधर, पुलिस ने बच्ची को फेंकने वाली महिला की तलाश में अस्पताल में लगे 32 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। दिनोद गेट पुलिस चौकी इंचार्ज मनीष वालिया ने बताया कि बच्ची की रीढ़ की हड्डी बाहर की तरफ निकली हुई है। इलाज के लिए उसे रोहतक पीजीआई रेफर किया जाएगा।
सीसीटीवी कैमरों की जांच के दौरान ही गुल हो गई बिजली : शनिवार दोपहर को जब पुलिस अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही थी, उसी दौरान बिजली चली गई। जिसके बाद अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी बंद हो गए। अस्पताल परिसर में करीब 32 जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। बिजली गुल होते ही ये कैमरे भी अंधे हो गए। वहीं डीवीआर में फुटेज जांच का काम भी बीच में ही बंद हो गया। पुलिस को अब तक की जांच में बच्ची को यहां लावारिस फेंकते कोई नहीं दिखा है। यह भी पता नहीं लगा है कि बच्ची को लेकर आने वाला कोई पुरुष है या फिर महिला।
पहले भी अस्पताल परिषद में फेंके जा चुके हैं नवजात
नागरिक अस्पताल में बच्ची को फेंकने का ये कोई पहला मामला नहीं है। पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। जिनमें महिला वार्ड के अलावा अस्पताल परिसर में भी बच्चों को फेंका जा चुका है। पहले वाले मामलों में भी आज तक पुलिस को कोई सुराग नहीं लगा है। अब एक और बच्ची को लावारिस हालत में फेंका गया है। हालांकि बच्ची को समय पर देख लेने से वह सुरक्षित है। बच्ची को ठंड से बचाव के लिए कंबल में लपेटा गया था और उसे कपड़े भी पहनाए गए थे।
अस्पताल में नहीं हुई बच्ची की डिलीवरी
अस्पताल प्रशासन की मानें तो इस बच्ची की यहां डिलीवरी नहीं हुई थी और इसकी मां भी यहां दाखिल नहीं थी। ये बच्ची बाहर से ही यहां लाकर डाली गई है। इसकी डिलिवरी किसी प्राइवेट अस्पताल में हुई मानी जा रही है। फिलहाल विभाग इस दौरान हुई डिलीवरी का रिकार्ड भी जांच रहा है। वहीं पुलिस भी सीसीटीवी फुटेज से इस केस का सुराग ढूंढ रही है।
बच्ची को लावारिस हालत में बरामद किए जाने की सूचना मिलते ही अस्पताल पहुंच गया था। बाल कल्याण समिति बच्ची के संबंध में जरूरी कदम उठाएगी और उसका इलाज भी कराएगी। इस संबंध में आगे की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
-रोशनलाल सदस्य बाल कल्याण समिति भिवानी।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और पूछताछ से इस बच्ची को यहां फेंकने वालों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल बच्ची नीकू वार्ड में दाखिल है। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
-मनीष वालिया इंचार्ज दिनोद गेट पुलिस चौकी शहर थाना पुलिस भिवानी।