भिवानी। रोहतक में शुक्रवार को राज्यस्तरीय परशुराम जयंती कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले से लोगों को पहुंचाने के लिए 93 रोडवेज बसें लगाई गईं।
बसों के कार्यक्रम में जाने से यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी। खासतौर पर लोकल रूटों पर जाने वाली बसों को रोका गया है। लोकल रूट की बसें नहीं चलने पर यात्रियों को गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों व ऑटो पर निर्भर रहना पड़ रहा है।
भिवानी डिपो की ओर से लोगों को कार्यक्रम में लेकर जाने के लिए 50 बसें रोहतक डिपो को दी गईं। भिवानी जिले से लोगों को कार्यक्रम में लेकर जाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से 55 बसें मांगी गई थीं। लेकिन सवारियां न मिलने के कारण 12 बसें डिपो को लौटा दी गईं।
इस दौरान डिपो से विभिन्न रूटों पर चलने वाली रोडवेज बसें नहीं चलीं। 20 मिनट की जगह पर एक-एक घंटे के अंतराल में बसों का संचालन हुआ। इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
लोकल रूटों सहित लंबे रूट रहे प्रभावित
93 बसें रोहतक जाने के बाद जींद, तोशाम, लोहारू, दादरी, हांसी, हिसार, गोहाना, महम, रोहतक, गुरुग्राम सहित लंबे रूटों पर एक-एक घंटे के अंतराल में बसें चलीं। वहीं जिले के सभी ग्रामीण रूट लगभग पूर्ण रूप से बंद रहे। बसें न होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
रोहतक में हुए राज्यस्तरीय कार्यक्रम के लिए 93 बसें रोहतक भेजी गईं। इनमें से 50 बसें रोहतक डिपो को दी गईं। लेकिन फिर भी सभी रूटों पर बसों के अतिरिक्त फेरे बढ़ाकर यात्रियों को बसें उपलब्ध करवाई गई। किसी भी रूट पर यात्रियों को परेशानी नहीं होने दी गई।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी डिपो।