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ठेकेदार के कर्मचारियों ने कचरा उठाया तो नियमित कर्मियों ने खदेड़ा

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल प्रशासन के लिए सिर दर्द बन गई है। शहर में फैले करीब छह सौ टन कचरे से शहर सड़ रहा है। जिससे बीमारियों का खतरा बना हुआ है। जगह-जगह कचरे में आग लगाई जा रही है। जिससे पर्यावरण प्रदूषण के साथ-साथ लोगों का जीना दूभर हो गया है। प्रशासन ने कचरे की समस्या के समाधान के लिए ठेकेदार के 20 कर्मचारियों ने सफाई की योजना बनाई। मगर यह कर्मचारियों के विरोध के सामने फेल साबित हुई। ठेकेदार के कर्मचारियों ने जैसे ही कचरा उठाना शुरू किया नगर परिषद के नियमित कर्मचारी पहुंच गए और विरोध करते हुए सफाई कार्य में जुटे कर्मचारियों को खदेड़ दिया। बाद में नप अधिकारियों ने पुलिस बुलाई। एसडीएम भी कर्मचारियों को समझाने पहुंचे मगर कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और अनिश्चितकालीन हड़ताल का निर्णय लिया।
वीरवार को नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की हड़ताल नौंवे दिन में प्रवेश कर गई। शहर के हालात ये है कि कचरे के ढेर सड़क तक पहुंच गए है। इस समस्या के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर परिषद अधिकारियों और चेयरमैन से बैठक कर ठेकेदार के कर्मचारियों से सफाई कराने का प्लान बनाया। किराये पर जेसीबी मशीन लेकर सुबह करीब 11 बजे रेस्ट हाउस के सामने सफाई अभियान की शुरूआत की गई। इसकी सूचना मिलते ही नगर परिषद कर्मचारी वहां पहुंच गए। सफाई अभियान का विरोध करते हुए ठेकेदार के कर्मचारियों को खदेड़ दिया।
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दोपहर बाद फिर भी प्रशासनिक अधिकारियों और नप अधिकारियों की मसले पर बैठक हुई और पुलिस सुरक्षा में सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया। शाम करीब पौने सात बजे बड़ चौक के पास पुलिस बल की मौजूदगी में सफाई अभियान की शुरूआत की गई मगर सूचना मिलते ही नगर परिषद के सफाई कर्मचारी वहां पहुंच गए और ठेकेदार के कर्मचारियों को भगा दिया। इस दौरान तीखी नोक-झोंक भी हुई। कर्मचारियों ने प्रशासन और नप अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की।

नप को घेरा, नहीं निकालने दी जेसीबी
हड़ताल कर रहे कर्मचारियों को सायं करीब छह बजे जैसे ही सूचना मिली कि नगर परिषद अधिकारी ठेकेदार के कर्मचारियों से सफाई अभियान चलाने की तैयारी कर रहे है। सभी कर्मचारी नगर परिषद के गेट पर एकत्रित हो गए और मुख्य गेट के सामने बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने यहां से ट्रैक्टर ट्राली और जेसीबी नहीं निकालने दी। जिसके बाद ठेकेदार की जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर ट्राली से अभियान चलाने का प्रयास किया गया।
तीन सौ से अधिक कर्मचारियों को नोटिस
नगर परिषद में तीन सौ से अधिक नियमित और कच्चे कर्मचारी है। नगर परिषद प्रशासन ने सभी कर्मचारियों को नोटिस थमाकर कार्य पर लौटने की चेतावनी दी है। ऐसा नहीं करने पर कड़ी विभागीय कार्रवाई की बात कही गई है। इसके बावजूद कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि वे ऐसे किसी नोटिस की परवाह नहीं करते और मांगे नहीं माने जाने तक कचरा नहीं उठाएंगे।
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वर्जन:
हमने सफाई के लिए प्रयास किया था मगर कर्मचारियों ने रुकवा दिया। विरोध करने और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा शहर की सफाई की वैकल्पिक व्यवस्था पर भी विचार किया जा रहा है।
राजेश महता, सचिव
नगर परिषद
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