हर विभाग को 22 तक कराना होगा शिक्षुता पोर्टल पर पंजीकरण
भिवानी। डीआरडीए सभागार में वीरवार को जिला शिक्षुता कमेटी की बैठक में उपायुक्त अंशज सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा शिक्षुता अधिनियम 1961 में बनाया गया था। युवाओं को अपने कार्य में दक्ष बनाने को लेकर सरकार द्वारा राष्ट्रीय शिक्षुता योजना के तहत वर्ष 2020 तक 50 लाख युवाओं को प्रशिक्षु लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सरकार द्वारा दस हजार करोड़ का बजट पास किया गया है। उपायुक्त ने बताया कि जिला के सभी सरकारी व गैर सरकारी विभागों का शिक्षुता पोर्टल पर अधिनियम के तहत पंजीकरण होना अनिवार्य है, ताकि अधिक से अधिक छात्रों को शिक्षुता प्रशिक्षण दिलवाया जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि 22 नवंबर तक प्रत्येक विभाग शिक्षुता पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराएं।
उपायुक्त ने कहा कि सभी विभाग अपने कुल अधिकारी व कर्मचारियों के अनुपात का 2.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक शिक्षु लगाना अनिवार्य है। कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के उप निदेशक संजीव शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2016-17 में पांच लाख, वर्ष 2017-18 में दस लाख, 2018-19 में 15 लाख प्रशिक्षु तथा वर्ष 2019-20 में 20 लाख प्रशिक्षु लगाए जाने है। उन्होंने बताया कि आईटीआई पास छात्र अर्धकुशल होते हैं, जिनमें ट्रेड से संबंधित कार्य करने की कुशलता होती है, इसलिए विभागों को शिक्षुता प्रशिक्षण में आईटीआई पास छात्रों को प्राथमिकता देनी चाहिए। इस अवसर पर नगराधीश महेश कुमार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शंभू राठी सहित जिलेभर की सभी कौशल विकास एवं औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थाओं व विभिन्न विभागों के अधिकारी व प्रतिनिधि मौजूद थे।