जंतर-मंतर पर कूच से पहले आंगनबाड़ी वर्करों ने शहर में किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। मांगों को लेकर आंगनबाड़ी महिलाओं का गुस्सा शुक्रवार को एक बार फिर सरकार के खिलाफ फूट पड़ा और सैकड़ों आंगनबाड़ी महिला वर्करों ने शहर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व जिला प्रधान संतोष ग्रेवाल और सचिव कंचन ने संयुक्त रूप से किया।
आंगनबाड़ी यूनियन नेताओं ने कहा कि लघु सचिवालय के बाहर काफी दिनों से अपनी मांगों को लेकर बैठी हुई हैं, लेकिन सरकार उनकी सुध नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि 24 फरवरी के बाद वे अपने आंदोलन को तेज कर देंगी और 25 फरवरी को जंतर मंतर पर प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने वर्कर्स को कुशल व अर्ध कुशल श्रमिक की श्रेणी में शामिल किए जाने, ईएसआई व पीएफ साहित महंगाई भत्ता दिए जाने व इसे फरवरी से लागू किए जाने, हैल्पर्स का भी पदनाम बदलकर अंकुश की श्रेणी में शामिल किए जाने व अतिरिक्त मानदेय दिये जाने, वर्कर्स व हैल्पर्स की भी सर्दियों व गर्मियों का असल में अवकाश प्रदान किए जाने, गर्मी व सर्दियों में आंगनबाड़ी केंद्रों के समय को भी कम किए जाने, हेल्पर से वर्कर व वर्कर से सुपरवाइजर की पदोन्नति केवल वरिष्ठता के आधार पर हो व तमाम की शर्तें हटाई जाने, आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया बड़े शहरों, छोटे शहरों व गांवों में तमाम बकाया किराया तुरंत भुगतान किए जाने, मृत्यु होने की स्थिति में वर्कर्स व हैल्पर्स के परिवारजनों को 3 लाख रुपए एक्सगे्रशिया दिए जाने, राज्य के तमाम जिलों में पिछले करीब 2 महीने से राशन की बंद सप्लाई अविलंब जारी हो ताकि बच्चों को राशन मिल सके, आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स को रिटायरमेंट लाभ दिए जाने सहित अन्य मांगों को जल्द से जल्द पूरा करवाने की मांग की। इस अवसर पर रीता, सीमा, कमलेश, अनीता, सुषमा, राजबाला, कंचन, ईश्वर, सुमित्रा, जयबाई, नीलम, निर्मला, मंजु, रजनी, सुनील, रामरति सहित अनेक आंगनबाड़ी महिलाएं उपस्थित थी।