अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी। 10 साल बाद दोबारा मान्यता के लिए फार्म भरने और निरीक्षण किए जाने के शिक्षा विभाग के फैसले के विरोध में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन खड़ी हो गई है। एसोसिएशन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि स्कूल दोबारा मान्यता के लिए फार्म नहीं भरेंगे। उनकी मांग नहीं मानी तो आंदोलन होगा। भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष और प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के जिला प्रधान रामअवतार शर्मा ने कहा कि नवंबर माह में बातचीत से उनकी मांगें नहीं मानी तो प्रकोष्ठ के सभी पदाधिकारी इस्तीफा देंगे। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि वे अधिकारी मंत्रियों, नेताओं की भी नहीं मानते।
मंगलवार को प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के कार्यालय में प्रेस वार्ता करते हुए प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन भिवानी के प्रधान और फेडरेशन ऑफ स्कूल एसोसिएशन के महासचिव राम अवतार शर्मा ने कहा कि शिक्षा विभाग के अधिकारी प्राइवेट स्कूल संचालकों पर नए-नए नियम थोंपकर परेशान कर रहे हैं। पिछली सरकार में लंबे संघर्ष के बाद पैसेंजर टैक्स हटवाया था जिसे अब फिर से लागू कर दिया गया है। अब नए आदेश दिए गए हैं कि 10 साल जिन स्कूलों की मान्यता के हो गए हैं, वे दोबारा फार्म कर निरीक्षण करवाएं और अपनी मान्यता रिन्यू करवाएं। यह सब अपनी जेब गर्म करने के लिए अधिकारियों का प्लान है। पहले भी ऐसे ही जेबें गर्म होती थी, जो इस सरकार में बंद हुई।
प्राइवेट स्कूल नियम 134ए के तहत 10 प्रतिशत बच्चों को फ्री पढ़ा रहे हैं। इन बच्चों की नामात्र की फीस जो सरकार से मिलनी थी, अब तक नहीं मिली है। शर्मा ने हरियाणा शिक्षा बोर्ड द्वारा प्राइवेट स्कूलों पर परीक्षाओं में अध्यापक न उपलब्ध करवाए जाने पर पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने को भी गलत ठहराया। उन्होंने कहा कि प्राइवेट स्कूलों को अपने स्कूल भी चलाने होते हैं और यदि सभी शिक्षक परीक्षा ड्यूटी के लिए दे देंगे तो उनके कक्षाएं प्रभावित होती हैं। इस मौके पर अमित डागर, पूर्व प्रधान आकाश रहेजा, पवन गोयल, यतिंद्र नाथ, कर्ण मिर्ग, अलका माथुर, दीपक शर्माए, प्रवीण सोनी, धन सिंह अग्रवाल, बिशंभर अरोड़ा आदि प्राइवेट स्कूल संचालक उपस्थित रहे।
दो बच्चियां पढ़ रही नि:शुल्क, एक की फीस मांगी तो किया बदनाम
एक निजी स्कूल के संचालक पवन गोयल ने बताया कि एक व्यक्ति ने गत दिवस आत्महत्या की अनुमति की बात कही जबकि उसकी दो बेटियां प्राइवेट स्कूल में नि:शुल्क पढ़ रही हैं। सिर्फ एक बेटे की फीस लगती है। अब सोमवार को उक्त व्यक्ति ने फीस जमा करवाई है। इस बारे में बैठक कर उक्त व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कराने का निर्णय लिया गया है।