भिवानी। बिना मान्यता और बिना नक्शा पास कराए स्कूल की आलीशान इमारत बनाना और लगभग एक हजार बच्चों का एडमिशन करना वैश्य संस्था को भारी पड़ सकता है। नक्शे के लिए नगर परिषद ने सात दिन की मोहलत दी है, तो शिक्षा विभाग ने मान्यता के कागजात के लिए 15 दिन का समय दिया है। दोनों कार्रवाई पूरी नहीं होने की सूरत में सीलिंग की चेतावनी दी है। परिषद व शिक्षा विभाग के नोटिस के बाद एक हजार बच्चों के भविष्य को लेकर अभिभावक चिंतित हैं।
लोहारू फ्लाईओवर के पास वैश्य मॉडल स्कूल प्रबंध समिति की ओर से पिछले साल नए भवन का निर्माण शुरू हुआ। नए शैक्षणिक सत्र से पहले आलीशान इमारत तैयार कर दी और वैश्य इंटरनेशनल स्कूल के नाम से बच्चों के एडमिशन किए। विभिन्न कक्षाओं में एक हजार से ज्यादा बच्चों के एडमिशन किए गए।
बाद में स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संस्था ने स्कूल की मान्यता को लेकर सवाल उठाए। शिक्षा विभाग को भेजी शिकायत में संस्था ने आरोप लगाया कि उक्त स्कूल के पास न तो सीबीएसई की मान्यता है और न ही हरियाणा बोर्ड की। मामला गर्माया तो प्रबंध समिति ने स्कूल के नाम से इंटरनेशनल शब्द हटाकर इसे वैश्य मॉडल संस्था की विंग बना दिया।
मान्यता विवाद अभी ठंडा भी नहीं हुआ कि शहर के सोशल रिफार्मर जेके गुप्ता ने उक्त इमारत के निर्माण की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए सीएम विंडो पर शिकायत दी कि इमारत का नक्शा पास नहीं है। गुप्ता ने भी अपनी शिकायत में स्कूल की मान्यता न होने की बात कही।
सीएम विंडो पर शिकायत के बाद नगर परिषद और शिक्षा विभाग ने वैश्य मॉडल स्कूल प्रबंध समिति को नोटिस भेजकर सभी जरूरी कागजात मांगे हैं। साथ ही यह भी लिखा है कि मान्यता नहीं है तो स्कूल बंद कर दिया जाएगा। नगर परिषद ने सीएलयू और नक्शा न होने सूरत में स्कूल को सील किए जाने की बात कही है। एक साथ दो नोटिस के बाद इस स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अपने लाडलों के भविष्य को लेकर चिंता में डूब गए हैं। आधे से ज्यादा शैक्षणिक सत्र बीत चुका है, अब जाएं तो कहां जाएं.... वाली स्थिति पैदा हो गई है।
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नक्शा पास करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की: बुवानीवाला
वैश्य संस्था व वैश्य मॉडल प्रबंध समिति के महासचिव पवन बुवानीवाला का कहना है कि नोटिस मिल चुके हैं। संस्था ने नया स्कूल शहर के बच्चों को पढ़ाने के लिए बनाया है, यह कोई पर्सनल मामला नहीं है। नक्शे के लिए फरवरी 2016 में नगर परिषद मेें आवेदन किया था। प्रोसेसिंग फीस भी जमा कराई, लेकिन नक्शा पास नहीं किया। कई बार रिमाइंडर भी भेजे गए। नक्शा पास करने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। वैश्य मॉडल स्कूल में बढ़ती बच्चों की तादाद को देखते हुए ही इसे नई ब्रांच के तौर पर बनाया गया। मान्यता मिलने तक इसे ब्रांच के रूप में चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे सरकार व प्रशासन से हाथ जोड़कर सहयोग मांग रहे हैं। यह सहयोग बच्चों के भविष्य को देखते हुए मांग रहे हैं। इसमें उनका कोई व्यक्तिगत हित नहीं है।
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जिम्मेदारी स्कूल की: सचिव
नगर परिषद के सचिव राजेश मेहता का कहना है कि स्कूल की ओर से नक्शे के लिए आवेदन आया था। नगर परिषद ने अगली कार्रवाई के इसे चंडीगढ़ मुख्यालय को फॉरवर्ड कर दिया। इसके बाद फॉलो करना स्कूल का काम है। उन्होंने बताया कि निर्धारित अवधि तक यदि जरूरी कागजात पेश नहीं किए तो स्कूल की इमारत को सील किया जाएगा।