भिवानी। हरियाणा कला परिषद की ओर से आयोजित नाट्य एवं लोकोत्सव के पांचवें दिन अंतरराष्ट्रीय स्वांग कलाकार डॉ. सतीश कश्यप और डॉ. संध्या शर्मा ने स्वांग राजा विक्रमादित्य का’ पेश किया तो दर्शक दो घंटे तक मंत्रमुग्ध रहे।
यहां कीर्ति नगर स्थित सांस्कृतिक सदन में सांस्कृतिक मंच के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में देश मालवा राजपूताना रमणीक शहर उज्जैन हुआ, ऋषि श्राप से इंद्र का बेटा राजा गंधर्वसैन हुआ रागिनी सुनाकर सांग की कहानी का शुभारंभ किया।
राजा भरथरी के छोटे भाई विक्रम पर महारानी पिंगला ने एक षड्यंत्र रचकर मृत्युदंड दिला दिया। उस समय की मार्मिक रागनी भाई रै....भाई रै मेरे लाड करणिये मरगे। जब सुनाई तो सारा सभागार भावुक हो गया। मांगेराम शर्मा द्वारा रचित यह ऐतिहासिक सांग बहुत ही सुंदर ढंग से अभिनीत किया गया। नारी चरित्र को उजागर करते हुए उसकी दुर्बलताओं को दर्शाते हुए बड़े रोचक ढंग से अपनी बात को रखा।
सांग का सार बताते हुए डा. कश्यप ने स्वरचित धर्म कै उपर धरती टिकरी-धर्म पर सूरज और चंदा, सेठ, दरोगा, पिंगला रानी कदे ना काम करियो रै गंदा। इस कार्यक्रम में डा. संध्या शर्मा व डा. सतीश कश्यप ने सांग को पुरानी परंपराओं को कायम रखते हुए आधुनिक ढंग से प्रस्तुत किया। इन दोनों का अभिनय देखते हुए बनता था साथ आए हुए संगतकारों ने भी सांग में चार चांद लगाए।
कार्यक्रम का शुभारंभ चंडीगढ़ से पधारे हरियाणा कला परिषद के उपाध्यक्ष सुदेश शर्मा व चिकित्सक डा. रविकांत भीष्म ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में मंच संचालन डा. मदनमानव ने किया। इस अवसर पर डा. बुद्धदेव आर्य, अनितानाथ, विजय सोलंकी, कृष्ण भारद्वाज, डा. संजय अत्री, कला परिषद के लेखाकार रवींद्र श्योराण, सांस्कृतिक मंच के अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, भारत विकास परिषद के अध्यक्ष अशोक शर्मा व पूर्व अध्यक्ष सज्जन अग्रवाल, सतेंद्र परमार, डा. तरसेम लाल शर्मा, जिला आयुर्वेदिक अधिकारी देवेंद्र शर्मा, सतीश प्रधान बापौड़ा, महाबीर कौशिक, शशि परमार, संतोष शर्मा, शारदा तंवर आदि उपस्थित रहे।