अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम। गांव शिमली में खरीफ की फसलों ग्वार, कपास, बाजरा आदि का उत्पाद बढ़ाने के लिए जागरूकता शिविर लगाया गया। शिविर में किसानों को फसलों से संबंधित वैज्ञानिक जानकारी दी गई। शिविर का आयोजन कृषि एवं किसान कल्याण विभाग और हिंदुस्तान गम एंड केमिकल्स, भिवानी ने संयुक्त रूप से किया।
शिविर में चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के सेवानिवृत्त प्रोफेसर और पूर्व अध्यक्ष कीट विज्ञान विभाग डॉ. आरके सैनी ने कहा कि अभी 80 प्रतिशत से अधिक ग्वार उत्पादक किसान बीज उपचार नहीं अपनाते। यह उखेड़ा रोग की रोकथाम के लिए एक सरल और सस्ता उपाय है। इससे पूर्व कृषि विकास अधिकारी डॉ. श्रीभगवान ने किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं की जानकारी दी। किसानों के कपास और बाजरा से संबंधित सवालों के उत्तर भी दिए। किसानों को बीज उपचार की दवा के फ्री सैंपल भी दिए गए। साथ ही कीटनाशकों के दुष्प्रभाव के बारे में भी सचेत किया गया। इस अवसर पर राजबीर सिंह, देवेंद्र कुमार, मुकेश, कृष्ण, सुरेश, प्रदीप, जगदीश, हरिओम, राजकुमार, रणजीत, रविकुमार, विनोद, रामकिशन, महेंद्र, जयसिंह आदि प्रगतिशील किसान मौजूद रहे।