पश्चिम विक्षोभ के कारण पहाड़ों में हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों में भी ठंड बढ़ गई है। आठ साल में 19 दिसंबर की रात सबसे ठंड रिकार्ड की गई है। वीरवार को न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान 16.4 डिग्री रहा। इससे पहले 2011 में 19 दिसंबर का अधिकतम तापमान 21.1 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 6.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था।
मौसम वैज्ञानिकों की माने तो दिसंबर में अच्छी बारिश होने के कारण इस बार सर्दी और सताएगी। कोहरा लोगों के लिए परेशानी बना और दृश्यता महज 10 मीटर रही। जिला प्रशासन ने ठंड को देखते हुए वीरवार को छुट्टी की घोषणा तो कर दी मगर समय रहते सूचना नहीं मिलने के कारण बच्चे ठंड में ठिठुरते स्कूल पहुंचे और वहां उन्हें छुट्टी के बारे में बताया गया। जिला प्रशासन ने 20 दिसंबर को भी छुट्टी की घोषणा की थी, मगर इस फैसले को रद्द कर दिया। ऐसे में शुक्रवार को स्कूल लगेंगे।
धुंध व गिरते तापमान से गेहूं को फायदा, सब्जियों में नुकसान
कृषि विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल के अनुसार घनी धुंध व तापमान जमाव बिंदू की ओर जाने से जहां गेहूं, चना व जौ की फसल को फायदा पहुंचेगा वहीं सरसों, बरसिम, आलू, मटर व टमाटर की फसलों में नुकसान की संभावनाएं है।
सरसों की रुकती है बढ़ोतरी, पैदावार पर होगा असर
भिवानी में इस बार 92 हजार 867 हेक्टेयर में गेहूं व 86 हजार 867 हेक्टेयर में सरसों है। कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि तापमान जमाव बिंदू की ओर जाने से पाला जमना शुरू हो जाता है। ऐसे में सरसों की फसल को घनी धुंध से सबसे अधिक नुकसान की संभावना रहती है। घनी धुंध पड़ने और पाला जमने से सरसों की बढ़ोतरी रुक जाती है। लगातार कोहरा व ठंड के कारण सरसों का दाना पतला बनता है, जिससे पैदावार प्रभावित होती है। ऐसे में किसान अपने क्षेत्र के कृषि विकास अधिकारी से समय समय पर अपने खेत का निरीक्षण करवा कर सलहा लेते रहें।
46 साल पहले बना था ठंड का रिकॉर्ड
भिवानी जिले में 46 साल पहले कड़ाके की ठंड का रिकॉर्ड बना था, जो अब तक टूट नहीं पाया है। 31 दिसंबर 1973 को न्यूनतम तापमान माइनस 0.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके बाद 30 दिसंबर 2013 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री सेल्सियस पर रहा था।
डीसी के आदशों के बावजूद लगे कई निजी स्कूल
गहराती ठंड को देखते हुए जिले के उपायुक्त सुजान सिंह ने बुधवार देर शाम जिले के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में प्राइमरी विंग की दो दिन की छुट्टी के आदेश जारी कर दिए थे। मगर शहर व ग्रामीण क्षेत्र के कई निजी स्कूलों ने इन आदेशों को नकारते हुए स्कूलों में प्राइमरी विंग के बच्चों की पढ़ाई जारी रखी। बच्चे भी ठंड में ठिठुरते हुए सुबह स्कूल पहुंचे।