अमर उजाला ब्यूरो
तोशाम। देश में एक समान वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) को लेकर कर विभाग के डीईटीसी ने क्रशर मालिकों के साथ बैठक की। बताया कि पत्थर पर वैट करीब 13 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत रह गया है। शुक्रवार को लोक निर्माण विश्राम के रेस्ट हाउस में राज्य कर विभाग के डीईटीसी मेजर जगजीत सिंह और ईटीओ अनिल मलिक ने क्रेशर मालिकों को जागरूक किया।
डीईटीसी ने क्रेशर मालिकों को हिदायत दी कि बिना बिल के माल न बेचें, वरना इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। इस दौरान क्रेशर मालिकों ने जीएसटी के संबंध में सवाल किए। इनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। ईटीओ अनिल मलिक ने बताया कि क्रेशर मालिक बिल काटने में गलती न करें। हर माह रिटर्न भरना होगा। 20 लाख से नीचे के व्यापारी को जीएसटी नंबर लेने की आवश्यकता नहीं है। खानक में चेक पोस्ट स्थापित करने के संबंध में ईटीओ ने बताया कि क्रेशर मालिकों ने स्वयं इसकी मांग रखी है। जरूरत के हिसाब से चेक पोस्ट स्थापित करने का निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पत्थर पर वैट करीब 13 प्रतिशत से घटकर 5 प्रतिशत रह गया है। इस मौके पर व्यापार मंडल के प्रधान जोगेंद्र मलिक, अनिल जैन, राजेश लांबा, जयसिंह सिंधू, सुनील, रमेश श्योराण आदि क्रेशर मालिक मौजूद थे।