अमर उजाला ब्यूरो
बवानीखेड़ा।
बकाया दिहाड़ी की मांग को लेकर धरना देने वाले भट्ठा मजदूरों का आंदोलन रंग ले ही आया। शनिवार शाम ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार और लेबर विभाग की टीम ने जाटू लोहारी गांव के उमेश भट्ठा उद्योग का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने वहां का रिकार्ड को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
पिछले सप्ताहभर से चल रहे मजदूरों के आंदोलन के बाद उपायुक्त ने मामला लेबर विभाग को सुपुर्द कर दिया। इसके बाद ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार राजेंद्र सिंह, लेबर विभाग के निरीक्षक गंगादत्त, खाद्य आपूर्ति विभाग से निरीक्षक संजय कुमार, थाना प्रभारी श्रीभगवान यादव उमेश भट्ठे पर पहुंचे और जांच की। उत्तरप्रदेश के बांदा जिले के राजा, चुन्नीलाल, राजेंद्र, जगदीश चंद्र, श्रीकांत, महेश, जिगनेश, ब्रजेश आदि ने बताया कि वे आठ नवंबर 2016 से जाटू लोहारी के ईंट भट्ठे पर लेबर का काम करते हैं। इप्हें भट्ठा मालिक पूरी मजदूरी नहीं दे रहा है। बताया कि उनको प्रति हजार 582 रुपये दिए जाने थे, लेकिन उनको डीसी रेट के हिसाब से 472 रुपये दिए जा रहे हैं। मौके पर अधिकारियों ने मजदूरों और भट्ठा मालिक महेश से हिसाब मंगवाया और हिसाब का मिलान किया। भट्ठा मालिक महेश ने बताया कि मजदूरों के मुखिया ने उनसे रुपये ले लिए और मजदूरों को नहीं दिए। इस कारण उनके और लेबर के बीच में मतभेद हो गया है। मजदूरों के मुखिया ने रुपये लेने की बात स्वीकार नहीं की है।
लेबर विभाग के निरीक्षक गंगादत्त ने बताया कि मजदूरों की शिकायत मिली थी। इसके बाद जांच शुरू कर दी गई है। बताया कि उनके हिसाब से मिलान होने के बाद मजदूरों के रुपये ठेकेदार को देने हैं। लेकिन, ठेकेदार बता रहा है कि इनमें से ज्यादातर रुपये वह मजदूरों के मुखिया को दे चुका है। अभी मामले की जांच चल रही है।
नायब तहसीलदार राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्हेें प्रशासन से जांच के लिए कहा गया था। लेबर अधिकारी और फूड सप्लाई अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने मालिक को लेखा-जोखा कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।