भिवानी। भिवानी जिले में भूमि प्रलेख से जुड़े 660 मामले विभाग के समक्ष पहुंचे हैं। इनमें से केवल 22 भूमि प्रलेख ही पंजीकृत हुए हैं, जबकि 124 भूमि प्रलेखों पर आपत्ति दर्ज कर रोक लगाई गई है।
भिवानी जिले में लिपिकों की हड़ताल चल रही है। इसी को लेकर भिवानी की सभी तहसील कार्यालयों में रजिस्ट्री क्लर्क भी हड़ताल में शामिल हैं। एक अगस्त से सरकार ने नो वर्क नो पे का नियम लागू कर दिया है, इसके बावजूद भी लिपिक हड़ताल से वापस नहीं लौटे हैं। जिला उपायुक्त ने सभी तहसीलों में रजिस्ट्री क्लर्क की जगह कानूनगो व अन्य कर्मचारियों की व्यवस्था कराई है। इसे बाद तहसीलदार अपने लॉगइन आईडी से रजिस्ट्री करा रहे हैं। हालांकि अभी तक जो भी रजिस्ट्रियां हो रही हैं वे सभी लोन की रजिस्ट्री हैं, यानी इन रजिस्ट्रियों को लेकर न तो विभाग को ज्यादा माथापच्ची करनी पड़ती है न ही ज्यादा औपचारिकताओं में पड़ना पड़ता है। ऐसे में लोन की रजिस्ट्रियों को छोड़कर बाकी भूमि प्रलेख पंजीकरण का काम ठप पड़ा है। इस संबंध में भिवानी के तहसीलदार आदित्य रंगा ने बताया कि जिन भूमि प्रलेखों में दस्तावेज पूरे हैं, उन्हें पंजीकृत किया जा रहा है। जिनमें दस्तावेज पूरे नहीं हैं उनमें आपत्ति दर्ज कराकर रोक लगाई है। दस्तावेज शामिल करने पर ही रजिस्ट्री होगी।