फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब बिना आर्किटेक्ट के पास नहीं होंगे नक्शे, नहीं लगाने होंगे नप के चक्कर

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
भिवानी। अब नगर परिषद से भवनों के नक्शे पास कराने के लिए आर्किटेक्ट को हायर करना पड़ेगा। जो ना केवल नक्शे बनाएगा बल्कि फार्म ऑन लाइन अपलोड करने के साथ-साथ भवन निर्माण तक निरीक्षण भी करेगा। इसके लिए भवन स्वामी को आर्किटेक्ट का अतिरिक्त खर्च वहन करना होगा। यहीं नहीं यदि तय नक्शे के अनुसार भवन का निर्माण नहीं किया तो कंप्लीट का सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। इतना ही नहीं ऐस भवन का निर्माण कराने वाले आर्किटेक्ट को ब्लैक लिस्ट किया जाएगा। नियमों को नहीं मानने वाले भवन निर्माण स्वामियों की शिकायत आर्किटेक्ट को देनी होगी। ये नए बदलाव अगले सप्ताह से लागू होंगे। इसके लिए मुख्यालय में बिल्डिंग इंस्पेक्टर और कंप्यूटर ऑपरेटर की ट्रेनिंग हुई है।
अब तक उपभोक्ता नगर परिषद में भवन नक्शा पास कराने के लिए आर्किटेक्ट से नक्शा बनवा पास करने के लिए आवेदन करता था। उसे आर्किटेक्ट की एक ही बार फीस देनी होती और फिर नगर परिषद की फीस भरनी होती। मगर अब नक्शे पास करवाना आसान नहीं होगा। अब उन्हें नगर परिषद में अधिकारियों के चक्कर तो नहीं काटने पड़ेंगे मगर नई प्रणाली उनकी जेब पर बहुत भारी पड़ेगी। क्योंकि उन्हें आर्किटेक्ट नक्शा बनने के साथ-साथ भवन निर्माण पूरा होने तक हायर करना होगा। ऐसे में उसे अच्छी-खासी फीस भी देनी होगी।
विज्ञापन

यूं होगा अब नए सॉफ्टवेयर में काम
सबसे पहले नक्शा पास करवाने के लिए नप के सॉफ्टवेयर में शामिल आर्किटेक्ट में से किसी को हायर करना होगा। आर्किटेक्ट ही नक्शा बनाकर सॉफ्टवेयर में अपलोड करेगा। सॉफ्टवेयर जांच के बाद नियमानुसार बने नक्शे को ही असेप्ट करेगा। जिसके बाद बिल्डिंग इंस्पेक्टर के फोन पर फाइल अपलोड संबंधित मैसेज आएगा। इसके लिए साफ्टवेयर में बिल्डिंग इंस्पेक्टर के मोबाइल नंबर का लिंक किया गया है। इस लिंक के माध्यम से बिल्डिंग इंस्पेक्टर ऑनलाइन कागजात की जांच करेगा। कागजात सहीं होने पर बीआई मौके पर वेरिफिकेशन के लिए जाएगा और वहां के फोटो सॉफ्टवेयर में अपलोड करेगा। यहां से वेरिफाई होने के बाद एमई वेरिफाई करेगा। जिसके बाद नक्शे के क्षेत्र, कवर एरिया के अनुसार नक्शा फीस निर्धारित की जाएगी। जिसका मैसेज उपभोक्ता के पास जाएगा। फीस नप के अकाउंट में जमा होने के बाद ही नक्शा बनेगा। नक्शा बनने के बाद उपभोक्ता के पास इसके बनने का मैसेज जाएगा और उपभोक्ता ऑन लाइन ही नक्शे की कॉपी निकलवा सकते है। नप की ओर से उन्हें अलग से कोई भी नक्शा या हार्ट कॉपी नहीं दी जाएगी।
सॉफ्टवेयर में होगी प्रदेशभर के आर्किटेक्ट की लिस्ट
सॉफ्टवेयर में प्रदेशभर के आर्किटेक्ट की लिस्ट होगी। इन्हीं में से उपभोक्ताओं को किसी आर्किटेक्ट का चयन करना होगा। इसके लिए आर्किटेक्ट के रजिस्ट्रेशन भी किए जा रहे है। अगर कोई व्यक्ति प्रदेश भर से बाहर किसी आर्किटेक्ट से नक्शा बनवाता है तो उसे भी रजिस्टर्ड प्रदेश के आर्किटेक्ट में ही किसी के माध्यम से आवेदन करना होगा।
मर्जी से नहीं कर सकते बदलाव
अब एक बार नक्शा बनने के बाद भवन निर्माण के समय लोग अपनी मर्जी से ड्राइंग में बदलाव भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई बदलाव किया जाता है तो आर्किटेक्चर जिम्मेदार होगा। उसका फाइनल सर्टिफिकेट नहीं बनेगा। साथ ही आर्किटेक्ट अगर इसकी जानकारी नहीं देता है तो उसे ब्लैक लिस्ट किए जाने का प्रावधान है। :
विज्ञापन

भवनों के नक्शे पास करने संबंधित नया सॉफ्टवेयर आया है। इस बारे में वीरवार को मुख्यालय में बैठक थी। इसे अगले सप्ताह से लागू किया जाएगा। इसमें आर्किटेक्ट की जिम्मेदारी बढ़ाई गई है। आर्किटेक्ट को नक्शा बनाने से लेकर भवन निर्माण तक हायर करना होगा। इसमें थोड़ा खर्चा उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा।
दलबीर सिंह, बिल्डिंग इंस्पेक्टर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें