भिवानी। पंचायत भवन में सोमवार को कष्ट निवारण समिति की बैठक हुई जिसमें शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा की अध्यक्षता में 18 परिवादों की सुनवाई की गई। कुछ परिवादों के बाद लोगों ने सीधे अपनी समस्याएं रखनी शुरू कर दी। मगर इस दौरान कुछ विभागों के अधिकारियों के संबंधित परिवाद आए तो इससे पहले ही अधिकारी वहां से खिसक लिए। शिक्षामंत्री स्वयं माइक से बार-बार जनस्वास्थ्य विभाग के एससी, एक्सईएन को पुकारते रहे। डीसी ने भी आवाज लगाई। लेकिन जिन अधिकारियों को मंत्री और डीसी ने आवाज लगाई वे वहां से खिसक चुके थे। अनजान व्यक्ति आगे आता तो उससे पूछते कि आप हैं जनस्वास्थ्य विभाग के एक्सईएन। इसी तरह शिक्षा विभाग और कुछ अन्य विभागों के अधिकारियों को भी आवाज लगाई गई। इस तरह से बिना परिवादों की सुनवाई के बैठक के में बीच से खिसक जाना कहां तक उचित है, अधिकारियों की कार्यशैली पर बड़ा सवाल है।
एक मामले में पत्नी से मारपीट और बेटी को छोड़कर विदेश भागने में आरोपी की मदद करने वाला पुलिस कर्मी भी दोषी है। आरोपी की मदद करने वाले एएसआई पर तुरंत केस दर्ज किया जाए और आरोपी को तुरंत गिरफ्तार करें। यह आदेश शिक्षा मंत्री प्रो. रामबिलास शर्मा ने कष्ट निवारण समिति की बैठक में परिवाद सुनते हुए दिए।
संदिग्धों पर नई एफआईआर दर्ज करो
2015 में बागकोठी वासी महिला गायत्री देवी की घर में ही बनी दुकान में करीब 50 लाख की चोरी हुई। महिला गायत्री ने बताया कि संदिग्धों के नाम भी दिए मगर कोई कार्रवाई नहीं हुई। महिला ने रोते हुए पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया तो शिक्षा मंत्री ने दो आरोपियों पर नई एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
चोरी का आरोपी पुलिस को सौंपा और उन्होंने भगा दिए
किराना दुकानदार महाबीर प्रसाद ने बताया कि उसके बेटे की शादी में ज्वेलरी व रुपयों का बैग चोरी हो गया। आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले किया, मगर पुलिस ने मारपीट कर भगा दिया। इसी दौरान कष्ट निवारण समिति सदस्यों ने बताया कि कोई प्रॉपर्टी डीलर है घन्नी, जो कार्रवाई नहीं होने दे रहा। इस पर खफा शिक्षा मंत्री ने कहा कि घन्नी-पन्नी क्या होता है। 15 दिन में आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।
एएसआई पर दर्ज हो एफआईआर
कासनी कलां की युवती ने बताया कि उसका पति विदेश भाग गया। एएसआई रमेश ने सारे तथ्यों को छुपाते हुए पति को विदेश भागने में मदद की। अब आरोपी मलेशिया से वापस आ चुका है। मगर उक्त एएसआई कार्रवाई नहीं कर रहा। इस पर खफा शिक्षा मंत्री ने कहा कि ऐसे बेटियों को बर्बाद करने वालों को भगाया जा रहा है। एएसआई रमेश पर एफआईआर दर्ज की जाए।
मीटर उखाड़कर चाहे घर लगाना पड़े, समाधान करो
पार्क कॉलोनी वासी राज कुमार ने बताया कि बिजली का खंभा रास्ते के बीच में है। मीटर भी बहुत नीचे है और हर समय बच्चों को खतरा रहता है। उपस्थित बिजली निगम के एक्सईएन ने बताया कि मीटर ऊंचे कर दिए हैैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि अभी भी नीचे है। जिसके बाद शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिए अधिकारी वहां जाए और समस्या का समाधान करे।
डीएसपी साहब! आप पाड़ कै फेंक दो बिजली का खंभा
डीसी कॉलोनी वासी पूर्व सूबेदार हंसराज ने बताया कि मेरे प्लॉट में दो बिजली के खंभे हैं। मैं प्लॉट में मकान बनाना चाहता हूं। बिजली निगम के एक्सईएन ने बताया कि वहां जेसीबी के जाने का रास्ता नहीं है जिस कारण समस्या है। शिक्षा मंत्री ने डीएसपी दुहन को निर्देश दिए कि आप तीन दिन में खंभा पाड़ कै फेंक दो।
चेयरमैन डांट मारकै भगावे है
सेक्टर-23 वासी सुदर्शन कुमार ने बताया कि उनकी स्ट्रीट लाइटें दो महीने से खराब हैं। नप चेयरमैन के पास शिकायत लेकर जाए तो डांट मारते हुए कहते हैं कि तेरा घर-भर था। वहां बैठे नप चेयरमैन रणसिंह ने कहा कि उसने सबसे ज्यादा स्ट्रीट लाइटें लगवाई हैं। जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि हर बात का जवाब न्यू नहीं दिया जाया करै। घनश्याम सै सीख।