अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
मादा एनाफिलीज मच्छर का डंक घातक होने लगा है। इस बीमारी का शहर में 10 लोग शिकार हो चुके हैं, जिनका उपचार चल रहा है। हालांकि अभी स्थिति नियंत्रण में है। हालात न बिगड़े इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है और शहर में सर्वे शुरू कर दिया है। अब तक 710 घरों में मच्छरों का लारवा मिला है। जिन्हें नोटिस थमाये गए है। दोबारा लारवा मिलने पर इनके चालान किए जाएंगे।
गर्मी बढ़ने के साथ-साथ मच्छरों का कहर भी बढ़ने लगा है। मच्छरों के शिकार मरीज उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे है। हालांकि अभी तक मलेरिया के 10 मरीजों की ही पुष्टि हुई है। इनमें चार मरीज धनाना गांव से चार मरीज भिवानी शहर से है। मरीज सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आ गया है और मच्छरों की रोकथाम के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जहां से पॉजिटिव मरीज आए है, वहां स्प्रे करवाया जा रहा है। घर-घर जाकर मच्छरों के लारवा की जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को इधर-उधर पानी जमा न होने देने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
नगर परिषद रहता है बेपरवाह
करीब दो साल पहले मच्छरों की रोकथाम के लिए फोगिंग की जिम्मेदारी नगर परिषद को सौंप दी गई थी। स्वास्थ्य विभाग ने फोगिंग मशीनें भी नप को सौंप दी थी। डीसी ने नई मशीनें भी खरीदने के निर्देश दिए थे। मगर नप कर्मचारी फोगिंग के कार्य में लापरवाही करते है। यहीं लापरवाही महंगी साबित होती है और लोग मच्छरों का शिकार होते है। नियमानुसार जहां भी मलेरिया के पॉजिटिव मरीज सामने आते है वहां फोगिंग होनी चाहिए ताकि मच्छर को खत्म किया जा सके मगर अब तक नगर परिषद की ओर से शहर में कहीं भी फोगिंग नहीं करवाई गई है।
कब कितने आए मलेरिया केस
वर्ष मरीज
2014 293
2015 141
2016 211
2017 65
2018 10 (अब तक)
वर्जन:::
मलेरिया के अब तक 10 केस सामने आए है। जहां भी पॉजिटिव मरीज सामने आ रहे है वहां स्प्रे करवाया जा रहा है। विभाग की टीमें घर-घर सर्वे कर रही है और लारवा मिलने पर नोटिस दे रही है। दोबारा लारवा मिलता है तो चालान किया जाएगा।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्ज
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हीट स्ट्रोक के प्रति भी शुरू हुआ जागरूकता अभियान
तापमान पिछले करीब छह दिन से 45 डिग्री के पार है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने भी लोगों को हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए जागरूक करना शुरू कर दिया है।
बचाव के लिए ये है उपाय:
* शरीर का तापमान ना बिगड़े, इसके लिए बार-बार पानी पीये। कम से कम तीन लीटर पानी अवश्य पीये।
* ठंडे पानी से नहाएं।
* हलके वजन और हलके रंग के खुले कपड़े पहने
* धूप में बाहर निकलते समय पूरे शरीर को ढककर, छाता, टोपी का प्रयोग करें।
* शरीर में पानी की कमी पूरा कराने के लिए ओआरएस का घोल, लस्सी, नींबू पानी का प्रयोग करें।
ये ना करें :
* दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच बाहर निकलने से बचे।
* तापमान अधिक हो तो ज्यादा जोर लगने वाला कार्य न करें।
*उच्च प्रोटीन युक्त खाना तथा बासी खाने का सेवन ना करें।
* मास, शराब, चाय, कॉफी से शरीर में पानी की कमी होती है। इनके सेवन से बचे।