दुधारू गायों को लावारिस छोड़ने वालों पर लगेगा 5100 रुपये का जुर्माना : भानीराम
भिवानी। राज्य गो सेवा आयोग के चेयरमैन भानीराम मंगला का कहना है कि गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश सरकार हर संभव प्रयास कर रही है। प्रदेश में गोमूत्र व गोबर के उत्पादक यंत्रों पर 90 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। प्रदेश में दुधारू गायों को लावारिस छोड़ने वालों पर 5100 रुपये जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए लावारिस पशुओं की पहचान के लिए आईटी सेल के सहयोग के एक एप बनाया जा रहा है। एप टैग नंबर के आधार पर लावारिस गोवंश के जिलों व जगह की पहचान बताएगी।
पंचायत भवन में सोमवार को सहायता राशि वितरित कार्यक्रम में भानीराम ने जिले की 24 गोशालाओं 26 लाख 50 हजार 800 रुपये की सहायता राशि के चेक भी वितरित किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक एवं पूर्व मंत्री घनश्यामदास सर्राफ ने की।
मंगला ने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार गोवंश की रक्षा के लिए गावों में गोसेवा केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए आर्थिक मदद की जाएगी। इन गोसेवा केंद्रों का पंजीकरण करवाना जरूरी है और संचालन के लिए एक प्रबुद्ध लोगों की कमेटी का गठन करना होगा। आयोग प्रतिवर्ष एक गाय के पालन के लिए पांच हजार रुपये के हिसाब से एकमुश्त राशि देगा। उन्होंने बताया कि पंचगव्य प्रशिक्षण भी आयोग द्वारा फ्री दिलवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि गोशालाओं में बॉयोगैस प्लांट स्थापित करवाए जाएंगे।
उन्होंने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को जिले में लावारिस गोवंश को नंदीशाला व गोशाला तक पहुंचाने के लिए एक एंबुलेंस खरीदने को भी कहा। विधायक सर्राफ ने कहा कि जिले में सामाजिक संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं के सहयोग से गोवंश को बचाने के लिए पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। इस मौके पर एडीसी डॉ. संगीता तेतरवाल, सिवानी के एसडीएम राजेश कुमार, गोसेवा आयोग के सचिव डॉ. कल्याण सिंह, डीडीपीओ रामसिंह लोहचब, बीडीपीओ आशीष मान और सुभाषचंद्र शर्मा, नगर परिषद सचिव राजेश महता, पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. राजेंद्र प्रसाद वत्स सहित जिलेभर के गोशाला संचालक मौजूद थे।