खेतों में पहुंचकर कृषि विभाग के प्रधान सचिव ने जानी किसानों की समस्याएं
भिवानी। कृषि विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिलक्ष लिखी बुधवार को गांव खरक कलां में बजरंग के खेत में पहुंचे और किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं। उन्होंने बताया कि सब्जी पैकिंग के लिए 510 करोड़ की योजना के तहत प्रदेशभर में कलस्टर बनाए जाएंगे, जिससे सब्जी व बागवानी करने वाले किसानों को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।
डॉ. लिखी ने किसानों से उनको खाद-बीज व कृषि यंत्रों पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में जानकारी ली और खरपतवार नाशक दवाईयों के बारे में पूछा। इस पर किसानों ने बताया कि गांव खरक क्षेत्र में खाद-बीज बिक्री केंद्र की सरकारी दुकान नहीं है, जिसकी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ता है। यहां तक कि यूरिया भी महंगे दामों में खरीदनी पड़ती है। कहा, खरीफ 2017 के नुकसान का फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा नहीं मिल पाया है। इस पर प्रधान सचिव ने कृषि विभाग के उप निदेशक डॉ. प्रताप सिंह सभ्रवाल से जानकारी ली। उन्होंने बताया कि इस बारे में बीमा कंपनियों से विभाग निरंतर संपर्क में हैं और जल्द ही मुआवजा राशि किसानों को मिल जाएगा। किसानों ने प्रधान सचिव से गांव खरक में फसल के लिए अस्थायी बिक्री केंद्र के अलावा खाद-बीज की सरकारी दुकान खोलने, समुचित नहरी पानी मुहैया करवाने की मांग की। प्रधान सचिव ने किसानों को उनकी मांग को हर संभव पूरा करने का आश्वासन दिया।
गांव निनाण के मधुमक्खी पालक धर्मबीर सिंह ने बताया कि वह विभाग की सलाह पर मधुमक्खी पालन कर रहा है, जिससे उत्तम किस्म का शहद बना रहे हैं। राजेश गोस्वामी व धर्मबीर ने उनके द्वारा तैयार की गई उत्तम किस्म की स्ट्रॉबेरी व शहद प्रधान सचिव को उपहार के रूप में भेंट की।
प्रधान सचिव डॉ. लिखी ने किसान प्रदीप कुमार, कृष्ण कुमार, हवा सिंह, अजीत सिंह, सुभाष, बिट्टू, बिननू, अर्जुन सिंह, रत्न कुमार, जय सिंह, हरिचरण, जीतू, राजेश कुमार, मांगेराम, सतीश कायला से बातचीत कर फसलों के बारे में जानकारी ली। कलिंगा के किसानों ने उनके खाली पड़े एडीओ के पद को शीघ्र भरने की मांग की। इस मौके पर जिला बागवानी अधिकारी रघुबीर सिंह झोरड़, भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ. रमेश चाहर, डॉ. सचिन अहलावत, डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. संजय कुमार, डॉ. सतबीर सिंह, डॉ. अशोक चाहर आदि मौजूद रहे।