अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
अब बिजली बिलों में शामिल म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन टैक्स भी उपभोक्ताओं का बिजली बिल बढ़ाएगा। बिजली निगम ने एमसी टैक्स में करीब 25 फीसदी बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। यह बढ़ोतरी संभवत: अगले महीने से लागू होगी। अब तक बिजली निगम प्रति यूनिट पांच पैसे म्यूनिसिपल टैक्स वसूलता था। अब इसमें बदलाव कर बिजली बिल का दो प्रतिशत लिया जाएगा। जिससे बिजली बिल में कुछ बढ़ोतरी होगी।
बिजली निगम की ओर से सभी उपभोक्ताओं से बिजली बिल में म्यूनिसिपल टैक्स वसूला जाता है। यह टैक्स बिजली निगम की ओर से उपभोक्ताओं को बिजली सुविधा मुहैया कराने के लिए नगर परिषद की जगह में लगाए जाने वाले पोल, खंभो के लिए वसूला जाता है। वर्षों से यह टैक्स पांच पैसे प्रति बिजली यूनिट ही लिया जा रहा था। पिछले वर्ष एफएसए (फ्यूल सरचार्ज एडजेस्टमेंट) के रेट बढ़े थे। अब बिजली निगम ने म्यूनिसिपल टैक्स में बदलाव की तैयारी की। बिजली बिल का दो प्रतिशत टैक्स वसूलने से म्यूनिसिपल टैक्स करीब 25 फीसदी बढ़ेगा।
ऐसे लिया जाएगा म्यूनिसिपल टैक्स
अब तक बिजली निगम की ओर से प्रति यूनिट पांच पैसे म्यूनिसिपल टैक्स लिया जाता था। अब इसमें बदलाव का प्रारूप तैयार किया है और बदलाव का सरकुलर जारी कर दिया गया है। नए बदलाव के तहत बिजली बिल यानी एनर्जी चार्ज, फिक्स चार्ज और एफएसए चार्ज जितना होगा उसका दो फीसदी म्यूनिसिपल टैक्स लिया जाएगा।
निगम ने म्यूनिसिपल टैक्स नप को कभी दिया ही नहीं
बिजली निगम वर्षों से म्यूनिसिपल टैक्स वसूल रहा है मगर अब तक नगर परिषद में यह टैक्स जमा ही नहीं करवाया गया। इसके पीछे दलील दी जाती है कि स्ट्रीट लाइटों के बिलों में इसे अडजेस्ट किया जाता है। करीब दो साल पहले इस पर विवाद भी हुआ था। बिजली निगम ने बिल नहीं भरने के कारण शहर के कई एरिया की स्ट्रीट लाइटें बंद कर दी थी। मामला कोर्ट तक पहुंचा था। नगर परिषद ने भी बिजली निगम कार्यालयों का प्रॉपर्टी टैक्स तैयार किया था। बाद में उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला निपटाया गया था। उसके बाद भी अब तक न तो नप ने बिलों की अदायगी की है और न ही बिजली निगम ने म्यूनिसिपल टैक्स की।
अब बिजली कट का आएगा फोन पर मैसेज
बिजली निगम अपने उपभोक्ताओं को बिजली निगम संबंधित जानकारी तुरंत मुहैया कराने के लिए प्रयास कर रहा है। करीब सालभर पहले शुरू की गई फोन पर मैसेज भेजने की प्लानिंग अब अंतिम चरण में है। उपभोक्ताओं द्वारा फोन नंबर और आधार कार्ड नंबर मुहैया नहीं कराने की सूरत में अब बिजली निगम के कर्मचारी घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर ले रही है ताकि इन्हें बिजली बिल के साथ लिंक किया जा सके। बिजली निगम की करीब 15 टीमें शहरी क्षेत्र में इस कार्य में जुटी हुई है। करीब 15 हजार उपभोक्ताओं के आधार कार्ड और फोन नंबर बिजली बिल से लिंक होना बाकी है। बिजली निगम अधिकारियों की माने तो 31 मई तक इस कार्य को पूरा कर लिया जाएगा। जिसके बाद बिजली बिल, ड्यू डेट, बिजली कट आदि सभी तरह की जानकारी उपभोक्ताओं को तुरंत मैसेज कर फोन से सूचित की जाएंगी।
वर्जन :::
बिजली निगम उपभोक्ताओं को बिजली बिल, कटों की जानकारी, ड्यू अमाउंट आदि की जानकारी फोन पर ही मैसेज से मुहैया कराने के लिए योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए उपभोक्ताओं से आधार कार्ड नंबर और मोबाइल नंबर लिए जा रहे है। जल्द ही काम पूरा कर लिया जाएगा। म्यूनिसिपल टैक्स पहले प्रति यूनिट पांच पैसे लिया जाता था। अब बिल का दो प्रतिशत लिया जाएगा।
विक्रम सिंह, एसडीओ
बिजली निगम