अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
हरिद्वार में कांवड़ियों का मेला शुरू हो चुका है। उन पर नजर रखने और कांवड़ियों के बीच आपराधिक किस्म के लोगों को पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस ने हिदायतें दी है। साथ ही आठ फीट से ऊंची कांवड़ और छह इंच से बड़े त्रिशूल पर भी प्रतिबंध लगा दिया है।
पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र भौरिया ने कांवड़ियों, कांवड़ शिविर लगाने वालों के लिए विशेष निर्देश हैं। कहा कि हरिद्वार से कांवड़ लाने के लिए हरियाणा से बड़ी संख्या में कांवड़िए पैदल और अपने वाहनों से जाते हैं। मेले की सुरक्षा के लिए उत्तराखंड पुलिस ने कावड़ मेले में बहुत से सामाने आदि पर प्रतिबंध लगाया है। मेले में जुगाड़ वाहनों, ट्रैक्टर ट्रॉली और बड़े वाहनों पर प्रतिबंध है। यात्रा के दौरान साउंड सिस्टम का प्रयोग वर्जित है। कांवड़िये यात्रा के दौरान हॉकी स्टिक, बेसबाल बैट, डंडे, लाठी आदि नहीं ले जा सकेंगे। कावंड मेले में प्लास्टिक और पॉलीथिन का प्रयोग भी प्रतिबंधित किया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिला पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। कांवड़ शिविर लगाने के लिए जिला प्रशासन से अनुमति लेनी होगी। कांवड़ शिविर मुख्य मार्गों से 50 मीटर दूरी लगाए जा सकेंगे। कांवड़ शिविर संचालकों का ब्योरा, मुख्य सदस्य, वाहनों की किस्म और संख्या की पूरी सूचना एकत्रित की जाएगी। जिले से कांवड़ लेने जाने वाले लोगो की सूची तैयार की जा रही है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान कांवड़िये अपने साथ अपनी पहचान से संबंधित दस्तावेज जरूर रखें। मुख्य मार्गों के संवेदनशील ट्रैफिक प्वॉइट्स चिह्नित कर ट्रैफिक पुलिस लगाई गई है। कांवड़ शिविरों में जिला पुलिस, स्पेशल पुलिस अधिकारी और होमगार्ड भी तैनात रहेंगे। जिला पुलिस लाइन में भी एक रिजर्व फोर्स तैनात रहेगी।