चार दिन पहले दस्तक देने के बाद डेंगू का प्रकोप तेजी से बढ़ता जा रहा है। इससे स्वास्थ्य महकमे में अफरा-तफरी मची है। पिछले 48 घंटे के दौरान पांच नए पॉजिटिव और 11 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। बता दें कि पिछले साल केवल दो डेंगू पॉजिटिव के मामले आए थे। फिलहाल जिन क्षेत्रों से पॉजिटिव और संदिग्ध मरीज मिले हैं वहां विशेष फॉगिंग कराने की तैयारी कर ली है गई।
गौरतलब है कि पहले पॉजिटिव पाए गए दो मरीजों में विद्यानगर निवासी केला देवी जींद में बीमार हुई और बिजली बोर्ड निवासी कमल दिल्ली में बीमार हुआ। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने दावा किया था कि पूरे जिले में फॉगिंग और दवा का छिड़काव किया गया है और अब डेंगू नहीं है। अब तक सामने आए सात पॉजिटिव और 11 संदिग्ध मरीजों में अधिकतर किशोर और युवा हैं।
सभी संदिग्धों को उपचार के लिए सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। मरीजों की हर दो घंटे में जांच कर स्थिति जांची जा रही है। सात पॉजिटिव और 11 संदिग्ध मरीज सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने दोबारा से फॉगिंग और दवा के छिड़काव का काम शुरू कर दिया है।
ये है डेंगू के शिकार
जिन पांच मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है, उनमें ढाणी रिवासा निवासी करीब 17 वर्षीय सोनू, विद्यानगर निवासी करीब 61 वर्षीय हरजीलाल, सांवड़ निवासी करीब 16 वर्षीय जतिन, नौरंगाबाद निवासी करीब 13 वर्षीय दीपिका, कृष्णा कॉलोनी निवासी करीब 22 वर्षीय राहुल शामिल है। इनसे पहले विद्यानगर निवासी केला देवी और बिजली बोर्ड कॉलोनी निवासी कमल को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। सभी डेंगू पीड़ित मरीज हिसार के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती है। सभी की हालत में अब काफी सुधार है। अब तक 11 संदिग्ध मरीज सामने आए है। इनमें अधिकतर की प्राइवेट लैब की रिपोर्ट में डेंगू पॉजिटिव है। रविवार रात को ही तीन संदिग्ध मरीज करीब 15 वर्षीय पार्थ, बैंक कॉलोनी निवासी करीब 40 वर्षीय दयानंद व नई बस्ती निवासी जयंत को सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया गया।
बिना जांच न लें इलाज
फिजिशियन डॉ. रघवीर शांडिल्य का कहना है कि डिस्प्रिन दवा डेंगू में नुकसान दायक है। अक्सर डेंगू मरीज को सिरदर्द की शिकायत भी होती है और मरीज अनजाने में यह दवा लेते है। इसके अलावा आई ब्रूफन, दर्द की दवाइयां, आईवी इंजेक्शन भी नुकसानदायक है।