भिवानी। सर्दी के मौसम में पेयजल समस्या अभी शहर वासियों के लिए और परेशानी बनेगी। दरअसल नहर में पूरा पानी तो दूर जरूरत का 45 प्रतिशत भी पानी नहीं आया है। एक महीने तक शहर वासियों की प्यास बुझाने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को विभिन्न टैंकों में करीब 185 फीट तक पानी चाहिए मगर मिला है सिर्फ 78 फीसदी। जनस्वास्थ्य विभाग अधिकारियों ने यह रिपोर्ट सोमवार को उपायुक्त के समक्ष भी रखी। अब अधिकारी मिले पानी के अनुसार ही पानी सप्लाई की प्लानिंग बना रहे है
पिछले करीब डेढ़ माह से पानी लोगों खासकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी बना है। दरअसल अब पूरे हरियाणा के पांच जोन बनाए गए है। अब नए सिस्टम के तहत 40 दिन में प्रत्येक जोन में पानी सप्लाई किया जा रहा है। भिवानी में करीब 45 दिन के बाद शनिवार रात को पानी आया था। पानी आने के बाद न केवल लोगों बल्कि अधिकारियों को भी लगा कि अब जल संकट निपट जाएगा और पर्याप्त पानी मिलेगा। मगर सभी की उम्मीदें दो दिन में ही काफूर हो गई। नहर में बेहद कम पानी आया। जरूरत का 45 फीसदी भी पानी नहीं आया है। वैसे तो बुधवार तक नहर में पानी आना था, जिससे उम्मीद थी कि सभी टैंक भर जाएगा मगर ऐसा नहीं हुआ।
नहर में फिर पानी आने की आस
नहर में बेहद कम पानी आने के बाद अब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी परेशान है। हालांकि अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि नहर में फिर से पानी आने की आस है। अगर ऐसा नहीं हुआ तो शहर वासियों को पिछले वर्ष की तरह गंभीर पेयजल संकट से जूझना पड़ सकता है।
यह है पानी का हाल
जलघर क्षमता जरूरत प्राप्त पानी
जलघर नंबर 01 21एमएलडी 71 फीट 45 फीट
जलघर नंबर 02 19 एमएलडी 84 फीट 21 फीट
जलघर नंबर 03 20 एमएलडी 30 फीट 12 फीट
नोट: तीनों जलघरों का स्त्रोत जुई फीडर है।
गांवों में हालात खराब
शहर में तो फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और शहर वासियों को पर्याप्त पानी मिल रहा है मगर गांवों में हालात अधिक खराब है। गांवों में भी अब जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिला है। शहर के कौंट, उमरावत, सांगा, कायला, बड़ाला आदि गांवों में पेयजल संकट गहराया हुआ है।
वर्जन::: बना रहे है प्लानिंग
नहर में पानी बहुत कम आया है। उम्मीद है कि जल्द नहर में दोबारा पानी आए। फिलहाल जो पानी मिला है, उसी को प्लानिंग के साथ सप्लाई किया जाएगा ताकि लोगों की दैनिक पेयजल जरूरतों को पूरा किया जा सके।
संजीव त्यागी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग