अशोक भारद्वाज
भिवानी। पहले से ही कर्मचारियों का टोटा झेल रहे भिवानी रोडवेज डिपो पर अब दोहरी मार पड़ गई है। भिवानी डिपो से अन्य डिपो में 45 कर्मचारियों का तबादला किया गया है। जबकि बदले में डिपो को मात्र 28 कर्मचारी मिले हैं।
इसके कारण डिपो में कर्मचारियों के कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं लोहारू सब डिपो को भिवानी डिपो से जोड़े जाने के बाद क्लर्क स्टाफ पर पहले से ही काम का दबाव बढ़ा हुआ था।
दरअसल, हाल ही में सरकार द्वारा रोडवेज कर्मचारियों का तबादला किया गया है। इसके कारण भिवानी डिपो से क्लर्क, सब इंस्पेक्टर, इंस्पेक्टर, यार्ड मास्टर व मेकेनिकों का तबादला किया गया था। लेकिन विभाग की ओर से बदले में आधा स्टाफ दिया गया है। सबसे ज्यादा क्लर्क श्रेणी में कर्मचारियों की कटौती की गई है।
कर्मचारी कम होने के कारण डिपो में कार्यरत कर्मचारियों के काम समय पर नहीं हो पा रहे हैं। साथ ही, चैकिंग स्टाफ में इंस्पेक्टर व सब इंस्पेक्टर कम होने के कारण बिना टिकट यात्रियों की समय पर पकड़ नहीं हो पा रही है।
पूरा भिवानी डिपो एक ही यार्ड मास्टर के सहारे चल रहा है। जबकि डिपो में यार्ड मास्टर के पदों की स्वीकृति सात है। ऐसे में समय पर काम होने के लिए कर्मचारियों ने क्लर्क स्टाफ बढ़ाए जाने की मांग की है। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने को लेकर काफी बार पत्राचार भी किया जा चुका है।
लोहारू सब डिपो भिवानी से जोड़ने पर क्लर्कों पर बढ़ा काम का दबाव
करीब एक साल पहले लोहारू सब डिपो को दादरी डिपो से हटाकर भिवानी डिपो से जोड़ दिया था। इसके बाद से लोहारू सब डिपो के कर्मचारियों का काम भिवानी डिपो के कर्मचारियों पर आ गया था। ऐसे में पहले ही डिपो के क्लेरिकल स्टाफ पर काम का दबाव पहले से ही ज्यादा था। अब कर्मचारियों की बदली होने से कर्मचारियों के कार्य प्रभावित होने लगे है।
डिपो में से है कर्मचारियों की स्थिति
पद स्वीकृति तबादला में गए तबादले में आए
क्लर्क 31 24 17
सब इंस्पेक्टर 32 16 06
यार्ड मास्टर 07 01 01
हाल ही में सरकार की ओर से कर्मचारियों का तबादला किया गया है। तबादले में भिवानी डिपो से अन्य डिपो में ज्यादा कर्मचारी भेजे गए हैं। जबकि बदले में डिपो को कम कर्मचारी मिले हैं। कर्मचारी कम होने के कारण कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं। कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया है।
- दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी डिपो।