भिवानी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शामिल भिवानी के रोडवेज डिपो से अधिक प्रदूषण करने वाली बीएस-4 इंजन की 44 बसें अन्य डिपो में भेजी जा रही हैं। इसके बदले में भिवानी डिपो को 60 नई रोडवेज बसें दी जाएंगी। अन्य डिपो में भेजी जाने वाली बसों की तुलना में भिवानी डिपो को 16 बसें अधिक मिलेंगी जिससे जिले में रोडवेज की परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी और यात्रियों को सुविधा मिलेगी। डिपो में पहले ही 30 नई बसें पहुंच चुकी हैं।
एनजीटी के आदेशानुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हर साल अक्तूबर से दिसंबर तक बढ़ने वाली प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए समय रहते तैयारी की जा रही है। इसके तहत अधिक प्रदूषण करने वाले वाहनों को बदलने के आदेश परिवहन विभाग को दिए गए हैं। भिवानी डिपो से बीएस-4 इंजन वाली बसें अन्य जिलों के डिपो में भेजी जा रही हैं जबकि भिवानी डिपो को बीएस-6 इंजन की नई बसें प्राप्त होंगी।
30 बसें अन्य डिपो में भेजी जा चुकी
भिवानी डिपो से कुल 30 बसें कुरुक्षेत्र सहित अन्य डिपो भेजी जा चुकी हैं। इसके अलावा 3 बसें करनाल, 2 जींद, 3 यमुनानगर और 2 बसें चंडीगढ़ डिपो में भेजी गई हैं। बची चार बसों को मुख्यालय के आदेश पर अन्य डिपो में भेजा जाएगा। नई बसों के अतिरिक्त मिलने से प्रदूषण नियंत्रण और यात्रियों की सुविधा दोनों बेहतर होगी।
भिवानी डिपो में केवल अशोक लीलैंड कंपनी की बसें होंगी
परिवहन विभाग ने सभी रोडवेज डिपो में टाटा कंपनी की बसें एक ही डिपो में भेजने के आदेश दिए हैं। इसके तहत भिवानी डिपो से दो टाटा बसें अन्य डिपो में भेजी गई हैं। अब डिपो में केवल अशोक लीलैंड और आयशर कंपनी की मिनी और वातावरण अनुकूलित बसें उपलब्ध होंगी।
विभाग के आदेश पर भिवानी डिपो से बीएस-4 इंजन की 44 बसें अन्य डिपो में भेजी गई हैं। इसके बदले में डिपो को 60 नई बसें मिलेंगी। फिलहाल भिवानी डिपो में 30 नई रोडवेज बसें पहुंच चुकी हैं। बची 30 बसों की प्रक्रिया जारी है। - दीपक कुंडू, जीएम, भिवानी डिपो