भिवानी। बवानीखेड़ा में सरसों खरीद का केंद्र खोलने, सभी मंडियों में उठान व आग से नष्ट हुए गेंहू की फसल का मुआवजे की मांग को लेकर अखिल भारतीय किसान सभा का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मा. शेर सिंह के नेतृत्व में जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक से मिला व उन्हें किसानों को हो रही परेशानियों से अवगत करवाया।
वीरवार को प्रधान मा. शेर सिंह व जिला प्रधान ओमप्रकाश सैनी ने कहा कि तोशाम व अनाज मंडी में अव्यवस्था के किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। किसान अपनी सरसों से भरे वाहन लेकर दो दिन से सड़क पर ही रात बितानी पड़ रही है। किसानों का आरोप है कि सरकार उनके साथ नाइंसाफी कर रही है। मंडी में उठान की व्यवस्था नहीं बन पा रही है। मंडी गेहूं और सरसों से बुरी तरह अटी पड़ी है। कहीं पैर रखने तक की जगह नहीं है। सरसों खरीद कर रही सरकारी एजेंसी की लापरवाही का खामियाजा किसान भुगत रहा है। सरसों खरीद को लेकर किसान पहले जाम भी लगा चुके हैं, परंतु समस्या का कोई समाधान नहीं हो पा रहा। उठान की धीमी गति को देखकर ऐसा लगता है कि सरसों की खरीद शायद ही पूरी हो पाए। सरकारी एजेंसी हैफेड सरसों का उठान नहीं करवा पा रही है जिसके कारण सरसों की खरीद में बाधा आ रही है। सरसों बेचने आए किसानों का कहना है कि उनकी गेहूं की फसल खेतों में पड़ी है और मौसम खराब होने के कारण उन्हें फसल बर्बाद होने का भय सता रहा है। उन्होंने कहा कि गांव तालू, भैणी, कुंगड़ जताई में गेंहू की खड़ी फसल में आग से उनकी फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई है। पीड़ित किसानों को मुआवजा शीघ्रातिशीघ्र दिया जाए। अगर उनकी समस्या का हल नहीं हुआ तो वे 24 अप्रैल के बाद आंदोलन का बिगुल बजा देंगे। इस अवसर पर रमेश जांगड़ा, राजबीर बेरला, कैलाश शर्मा बलियाली, सांवत थिलोड, मा. इंद्र सिंह, जयबीर भैरा, इंद्र सिंह, सूरजभान, जोगेंद्र, राज सिंह, ईश्वर मान आदि मौजूद थे।