सरकारी विभाग बिजली निगम को घाटे की ओर धकेल रहे हैं। चरखी दादरी में हालात और भी विकट बनते जा रहे हैं। वहीं बिजली निगम दोहरा मानदंड अपनाए है एक ओर जहां वसूली के लिए आमजन के खिलाफ अभियान चलाए जाते है वहीं सरकारी विभागों को केवल नोटिस थमाये जा रहे है।
चरखी दादरी में बिजली निगम को घाटे की ओर धकेलने में सरकारी विभागों की भूमिका अग्रणी है। कई सरकारी विभाग समय पर बिजली बिलों की अदायगी नहीं कर रहे हैं जिससे उनका बकाया लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
बिजली निगम समय-समय पर आम उपभोक्ताओं के खिलाफ तो बिल वसूली अभियान चलाता है लेकिन सरकारी विभागों के साथ केवल पत्र-व्यवहार तक ही मामला सिमट जाता है। कई बार तो इन पत्रों के जवाब भी निगम को नहीं मिलते। इसे लेकर कई बार निगम व इन सरकारी विभागों के बीच आपस में ठन भी जाती है।
नगर परिषद व निगम के बीच प्रति यूनिट चार्ज को लेकर मामला कई दिनों से उलझा हुआ है। निगम एक बार तो स्ट्रीट लाइटों के कनेक्शन भी काट चुका है।
सरकारी विभागों की तरफ बकाया राशि का विवरण
रेलवे व सिविल अस्पताल=31.70 लाख
नगर परिषद =73.23
पीडब्ल्यूडी विभाग =3.63 करोड़
बिजली निगम एसडीओ जगदीश कुमार का कहना है कि कई सरकारी विभाग तो नियमित रूप से बिलों की अदायगी कर रहे हैं लेकिन कई विभागों की तरफ बकाया राशि का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। उनका कहना है कि समय-समय पर बिलों की अदायगी को लेकर इन विभागों को अवगत भी कराया जाता है।